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जनगणना ड्यूटी बनी बाधा: 29 स्कूलों में ठप पड़ी पढ़ाई, भोजनमाता के सहारे छात्र

जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर बच्चों को भोजनमाता के भरोसे छोड़ने की नौबत आ गई है। यह स्थिति न केवल शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि छोटे बच्चों के भविष्य को भी प्रभावित कर रही है।

मंगलवार को सहसपुर क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जुलों में तैनात शिक्षक को जनगणना कार्य के चलते स्कूल से बाहर जाना पड़ा। परिणामस्वरूप, छात्रों को पूरे दिन भोजनमाता की निगरानी में रहना पड़ा। ऐसी ही स्थिति जिले के कई अन्य स्कूलों में भी देखने को मिल रही है, जहां शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूलों में यह समस्या अधिक गंभीर रूप ले चुकी है। शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग को ऐसे 29 स्कूलों की सूची सौंपी है, जहां पढ़ाई लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गई है। आंकड़ों के अनुसार, जिले के 1074 स्कूलों में कार्यरत 2672 शिक्षकों में से 1625 को जनगणना ड्यूटी में लगाया गया है। इनमें से कई शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) का अतिरिक्त कार्य भी सौंपा गया है, जिससे उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी उन स्कूलों में है, जहां केवल एक ही शिक्षक तैनात है। ऐसे स्कूलों में शिक्षक के सामने जनगणना और शिक्षण दोनों कार्यों को संभालना चुनौती बन गया है। नतीजतन, बच्चों की नियमित पढ़ाई बाधित हो रही है और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखना भी कठिन हो गया है।

खंड शिक्षा अधिकारी सहसपुर, कुंदन सिंह ने बताया कि विभाग इस समस्या को गंभीरता से ले रहा है और प्रयास किए जा रहे हैं कि किसी भी स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह बंद न हो। इसके लिए पास के स्कूलों से वैकल्पिक शिक्षक भेजने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।

वहीं, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संगठन के अध्यक्ष धर्मेंद्र रावत ने मांग की है कि जिन स्कूलों में केवल एक शिक्षक हैं, उन्हें जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल ने भी आश्वासन दिया है कि समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

स्पष्ट है कि यदि जल्द ही संतुलित समाधान नहीं निकाला गया, तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और भविष्य पर पड़ेगा।

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