ईरान संकट और वैश्विक अस्थिरता के बीच देशवासियों से संयम और जिम्मेदारी निभाने का आह्वान, वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और ईरान संकट के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से बड़ा आह्वान किया है। हैदराबाद में भाजपा की एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, खाद और सोने की गैरजरूरी खरीद से बचने तथा देशहित में जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर बलिदान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कठिन समय में राष्ट्र के संसाधनों की रक्षा करना भी सच्ची देशसेवा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय कई गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। कोविड महामारी के बाद शुरू हुए वैश्विक आर्थिक संकट और यूक्रेन युद्ध ने पहले ही दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया था, वहीं अब ईरान संकट ने पेट्रोलियम बाजार में नई अस्थिरता पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि भारत के पास सीमित तेल भंडार हैं और देश को बड़ी मात्रा में पेट्रोल, डीजल और गैस का आयात करना पड़ता है। ऐसे में विदेशी मुद्रा बचाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हर नागरिक की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को फिर से कोविड काल जैसी कुछ व्यवस्थाओं को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों और कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता देने की अपील की। उनका कहना था कि यदि लोग अनावश्यक यात्रा कम करेंगे तो ईंधन की खपत में बड़ी कमी लाई जा सकती है। पीएम मोदी ने कहा, “समय की मांग है कि हम अपने व्यवहार में बदलाव लाएं और देशहित को सर्वोपरि रखें।”
उन्होंने शहरों में मेट्रो सेवाओं के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो सुविधा उपलब्ध है, वहां लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। उन्होंने कार-पूलिंग को भी बढ़ावा देने की बात कही और कहा कि छोटी-छोटी आदतें देश के लिए बड़ा बदलाव ला सकती हैं। जिन लोगों के पास इलेक्ट्रिक वाहन हैं, उनसे भी उनका अधिक उपयोग करने की अपील की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योगों और व्यापारिक संस्थानों से सामान की ढुलाई के लिए रेलवे की मालवाहक सेवाओं का अधिक इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक रेलगाड़ियां पेट्रोल-डीजल पर निर्भर नहीं होतीं और इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
रैली में प्रधानमंत्री ने सोने की गैरजरूरी खरीद को भी सीमित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश को विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कुछ समय तक गैरजरूरी आयातों पर नियंत्रण रखना होगा। यदि नागरिक एक वर्ष तक केवल आवश्यक खरीदारी करें, तो इसका सकारात्मक प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
इधर, प्रधानमंत्री मोदी के बंगलूरू दौरे के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला भी सामने आया। पीएम के कार्यक्रम स्थल के पास जिलेटिन की दो छड़ें मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार कग्गलीपुरा थाना क्षेत्र के तातागुनी इलाके में नियमित जांच के दौरान विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इसके बाद बम निरोधक दस्ता और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। मामले में एक संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है।
प्रधानमंत्री बंगलूरू में आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर के 45वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। घटना के बाद उनकी सुरक्षा और कड़ी कर दी गई।
देश इस समय वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक दबावों के बीच खड़ा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की अपील केवल सरकारी संदेश नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान मानी जा रही है। अब देखना होगा कि देशवासी इस संकट की घड़ी में कितनी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ इन सुझावों को अपनाते हैं।







