Saturday , 5 September 2026
Home Top-Special ‘प्रगति 2026’ से मजबूत हो रही सामरिक साझेदारी, मेघालय में दिखा 12 देशों की सेनाओं का दमखम
Top-Specialदेश-विदेशसरोकारहमारी फ़ौज

‘प्रगति 2026’ से मजबूत हो रही सामरिक साझेदारी, मेघालय में दिखा 12 देशों की सेनाओं का दमखम

यह ‘प्रगति’ अभ्यास का पहला संस्करण है, लेकिन इसकी व्यापकता और भागीदारी ने इसे अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग के बड़े मंच के रूप में स्थापित कर दिया है। अभ्यास का आयोजन समानता, मित्रता और आपसी सम्मान की भावना के साथ किया जा रहा है, जहां विभिन्न देशों की सेनाएं एक साथ प्रशिक्षण लेकर साझा चुनौतियों का सामना करने की तैयारी कर रही हैं।

अभ्यास की सबसे खास बात यह है कि इसमें अलग-अलग देशों के सैनिकों को मिलाकर मिश्रित टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें न केवल संयुक्त रूप से युद्धक अभ्यास कर रही हैं, बल्कि एक-दूसरे की सैन्य कार्यप्रणाली, रणनीति और अनुभवों को भी साझा कर रही हैं। इससे सैनिकों के बीच आपसी समझ और तालमेल मजबूत हो रहा है, जो भविष्य में किसी भी बहुराष्ट्रीय अभियान के दौरान बेहद उपयोगी साबित होगा।

पिछले तीन दिनों के दौरान इन मिश्रित टीमों ने अर्ध-पहाड़ी और घने जंगलों वाले कठिन इलाकों में कई महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियों में भाग लिया। सैनिकों ने रॉक क्राफ्ट, एंबुश और काउंटर-एंबुश ड्रिल, स्लिथरिंग, जंगल लेन शूटिंग और बस इंटरवेंशन जैसे कठिन अभियानों का अभ्यास किया। इन गतिविधियों का उद्देश्य सैनिकों को वास्तविक परिस्थितियों में तेज, सटीक और समन्वित कार्रवाई के लिए तैयार करना है।

इसके अलावा स्नाइपर शूटिंग और अत्याधुनिक AK-203 राइफल फायरिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं ने सैनिकों की निशानेबाजी क्षमता, आत्मविश्वास और पेशेवर दक्षता को और अधिक मजबूत किया। साथ ही विभिन्न देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की युद्ध तकनीकों और हथियार संचालन शैली को समझने का अवसर भी मिला।

‘प्रगति 2026’ केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सैनिकों के बीच मित्रता और विश्वास बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। अभ्यास के दौरान बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और रस्साकशी जैसी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें सभी देशों के सैनिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन खेल गतिविधियों ने सैनिकों के बीच टीम भावना, भाईचारा और आपसी विश्वास को और मजबूत किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इस तरह के बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते सामरिक समीकरण, सीमा पार आतंकवाद, साइबर खतरे और प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए देशों के बीच सामूहिक तैयारी आवश्यक हो गई है। ऐसे में ‘प्रगति 2026’ जैसे अभ्यास साझा सुरक्षा दृष्टिकोण को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

भारत के लिए भी यह अभ्यास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्वोत्तर भारत में आयोजित यह सैन्य अभ्यास न केवल क्षेत्र की सामरिक अहमियत को दर्शाता है, बल्कि भारत की “पड़ोसी पहले” और “साझा सुरक्षा” नीति को भी मजबूती देता है। उमरोई जैसे सामरिक स्थान पर इस अभ्यास का आयोजन यह संदेश देता है कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग के लिए सक्रिय और प्रतिबद्ध भूमिका निभा रहा है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास केवल युद्धक क्षमता बढ़ाने का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे देशों के बीच भरोसा और रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करते हैं। जब विभिन्न देशों की सेनाएं एक साथ प्रशिक्षण लेती हैं, तो उनके बीच समन्वय और विश्वास बढ़ता है, जो किसी भी मानवीय सहायता अभियान, शांति मिशन या आपात स्थिति में तेजी से संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करता है।

‘प्रगति 2026’ इसी सोच का प्रतीक बनकर उभरा है। यह अभ्यास दर्शाता है कि क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा केवल एक देश के प्रयासों से संभव नहीं, बल्कि इसके लिए साझेदारी, सहयोग और सामूहिक तैयारी जरूरी है। मेघालय की पहाड़ियों में चल रहा यह सैन्य अभ्यास आने वाले समय में मित्र देशों के बीच सुरक्षा सहयोग का नया अध्याय लिख सकता है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...