डीएम के औचक निरीक्षण में खुली जिला अस्पताल की पोल, गंदगी, अव्यवस्था और बाहर की दवा लिखने पर सख्त नाराजगी

डीएम के औचक निरीक्षण में खुली जिला अस्पताल की पोल, गंदगी, अव्यवस्था और बाहर की दवा लिखने पर सख्त नाराजगी

पिथौरागढ़ जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। निरीक्षण में अस्पताल की सफाई व्यवस्था, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यप्रणाली तथा भोजन व्यवस्था में भारी लापरवाही सामने आई। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि मरीजों की सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीज गंदी चादरों पर लेटे मिले, जबकि शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी। मरीजों और उनके परिजनों ने भी अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी की शिकायत की। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को नियमित सफाई, स्वच्छ शौचालय और साफ-सुथरे वार्ड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने यह भी पाया कि अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड का पालन नहीं किया जा रहा है। अधिकांश कर्मचारी बिना यूनिफॉर्म और नेम प्लेट के कार्य करते मिले, जिससे मरीजों और तीमारदारों के लिए डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारियों की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। इस पर डीएम ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को अनिवार्य रूप से ड्रेस कोड अपनाने और नेम प्लेट पहनने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान औषधि भंडार में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत भी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रबंधन से जवाब तलब किया। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएं और अनावश्यक रूप से बाहर की दवाएं न लिखी जाएं।

मरीजों से बातचीत के दौरान भोजन की गुणवत्ता और समय पर भोजन न मिलने की शिकायतें भी सामने आईं। कई मरीजों ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता है। इस पर डीएम ने अस्पताल प्रशासन को तय मेन्यू के अनुसार समय पर पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में रही। पहले यहां तैनात कर्मचारियों को डॉक्टरों की उपलब्धता की सही जानकारी तक नहीं रहती थी। अब अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार करते हुए मरीजों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 9045848889 जारी किया है। इस नंबर पर कॉल कर मरीज घर बैठे डॉक्टरों की उपलब्धता, एम्बुलेंस सेवा और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

इधर मानसूनी बारिश के बीच जिले में दूषित पेयजल के कारण टायफाइड और डायरिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले 700 से अधिक मरीजों में लगभग 70 से 80 मरीज टायफाइड या डायरिया से पीड़ित मिल रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के दौरान नदियों और गधेरों से संचालित पेयजल योजनाओं में गंदगी और मलबा आने से पानी दूषित हो रहा है। कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन नालियों से गुजरने और लीकेज होने के कारण भी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. डीपी सिंह और फिजिशियन डॉ. एमसी रजवार ने लोगों से पानी उबालकर या शुद्ध करके पीने की अपील की है। जिलाधिकारी ने भी स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this