धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में चंडीगढ़ के चार नाबालिग कांवड़ियों की गंगनहर में डूबने से मौत हो गई। चारों दोस्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे और रास्ते में स्नान के लिए गंगनहर में उतरे थे। गहरे पानी की चपेट में आने से सभी एक-एक कर डूब गए। जल पुलिस और गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला, लेकिन जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान शिवांश (16 वर्ष), नितीश (16 वर्ष), रोहित (17 वर्ष) और भरत (16 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी चंडीगढ़ के विभिन्न सेक्टरों के निवासी थे और 30 जुलाई की रात हरिद्वार कांवड़ लेने पहुंचे थे। गंगाजल भरने के बाद शुक्रवार तड़के वे अपने अन्य साथियों के साथ चंडीगढ़ लौट रहे थे।
बताया गया कि सुबह करीब चार बजे जटवाड़ा पुल के पास चारों अपने अन्य साथियों का इंतजार कर रहे थे। गर्मी अधिक होने के कारण उन्होंने गंगनहर में स्नान करने का फैसला किया। उस समय नहर में सिल्ट हटाने का कार्य चल रहा था, जिससे अधिकांश हिस्सों में पानी कम था, लेकिन बीच-बीच में गहरे गड्ढों में पानी जमा था। चारों युवक रेलिंग पार कर ऐसे ही एक स्थान पर नहाने के लिए उतर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्नान के दौरान अचानक एक किशोर गहरे पानी में फंस गया। उसे बचाने के प्रयास में बाकी तीन दोस्त भी पानी में उतर गए, लेकिन सभी गहरे पानी की चपेट में आ गए और देखते ही देखते एक-एक कर डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन गहराई और तेज ढलान के कारण कोई भी व्यक्ति उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
सूचना मिलते ही जल पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। काफी देर तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद चारों किशोरों को गंगनहर से बाहर निकाला गया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल को मौके पर भेजा गया था। रेस्क्यू टीम ने पूरी कोशिश की, लेकिन चारों किशोरों की जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से प्रशासन लगातार गंगा और गंगनहर में निर्धारित स्थानों के अलावा कहीं भी स्नान न करने तथा सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील करता रहा है। प्रशासन ने एक बार फिर श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रेलिंग पार कर गहरे या प्रतिबंधित क्षेत्रों में न उतरें और किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बचें, ताकि इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।








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