Home स्पेशल पगड़ी पहनाकर किया सम्मानित, अमित शाह के हाथों अजीत डोभाल को मिला लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026
स्पेशलTop-Specialएक्सक्लूसिवदेश-विदेशशिखर पर उत्तराखंडीसरोकार

पगड़ी पहनाकर किया सम्मानित, अमित शाह के हाथों अजीत डोभाल को मिला लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुणे में आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें पगड़ी पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है। यह पुरस्कार उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण, सार्वजनिक जीवन, सामाजिक सेवा, विज्ञान, शिक्षा, प्रशासन या राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस वर्ष यह सम्मान राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अजीत डोभाल की लंबी और विशिष्ट सेवाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदान किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल ने दशकों तक देश की सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी रणनीति तैयार करने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। शाह ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व देश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और उनका जीवन राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

सम्मान ग्रहण करने के बाद अजीत डोभाल ने आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी सुरक्षा बलों, खुफिया एजेंसियों और अधिकारियों का सम्मान है जो दिन-रात देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के विश्वास में निहित है तथा देश की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार की स्थापना लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की स्मृति में की गई थी। इस सम्मान के माध्यम से उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने अपने कार्यों से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी हो। पूर्व वर्षों में भी देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

समारोह के दौरान लोकमान्य तिलक के विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि तिलक के राष्ट्रवाद, स्वाभिमान और जनजागरण के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में थे।

अजीत डोभाल वर्तमान में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं और लंबे समय तक खुफिया सेवाओं में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें देश की सुरक्षा नीति, आतंकवाद विरोधी अभियानों और रणनीतिक मामलों का अनुभवी विशेषज्ञ माना जाता है। लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाना उनके सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा में योगदान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने अजीत डोभाल का जोरदार स्वागत किया और उन्हें देश की सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

उत्तराखंड में नशा तस्करों पर कसेगा शिकंजा, सूचना देने वालों को मिलेगा 2.40 लाख रुपये तक इनाम

उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अब कार्रवाई...