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लोक महोत्सव-2026: 21 दिनों तक दिल्ली में दिखेगी उत्तराखंड की संस्कृति की भव्य झलक

उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय राजधानी में भव्य मंच मिलने जा रहा है। उत्तराखंड लोक महोत्सव-2026 का आयोजन 25 अगस्त से 14 सितंबर तक नई दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 स्थित रामलीला मैदान में किया जाएगा। 21 दिनों तक चलने वाला यह आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को देशभर के लोगों तक पहुंचाने के साथ ही पहाड़ की लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, खान-पान और कला को नई पहचान देने का माध्यम बनेगा।

 

आयोजकों के अनुसार, महोत्सव में देशभर से 500 से अधिक लोक कलाकार और सांस्कृतिक दल हिस्सा लेंगे। कलाकार लोक संगीत, लोक नृत्य और विभिन्न पारंपरिक विधाओं की प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति के अलग-अलग रंग प्रस्तुत करेंगे। महोत्सव के दौरान होने वाली सांस्कृतिक संध्याएं और विशेष कार्यक्रम दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

इस आयोजन में उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल दोनों अंचलों की सांस्कृतिक विविधता को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ की ऐतिहासिक हिलजात्रा की विशेष प्रस्तुति भी महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। इसके अलावा प्रसिद्ध छोलिया नृत्य समेत विभिन्न लोक नृत्य और संगीत प्रस्तुतियां दर्शकों को उत्तराखंड की पारंपरिक जीवनशैली से रूबरू कराएंगी।

महोत्सव परिसर में उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजनों और स्वरोजगार से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यहां 200 से अधिक प्रदर्शनी और व्यापारिक स्टॉल लगाए जाने की योजना है। इन स्टॉलों के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

पारंपरिक व्यंजन भी महोत्सव का खास हिस्सा होंगे। दिल्ली में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले दर्शकों को पहाड़ के पारंपरिक स्वाद का अनुभव मिलेगा। इससे उत्तराखंड के स्थानीय खाद्य उत्पादों और पारंपरिक खान-पान को भी व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

महोत्सव में ‘उत्तराखंड सितारे अवॉर्ड’ और ‘हिम ताज सम्मान’ जैसे सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं और व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन होने वाली विशेष सांस्कृतिक एवं स्टार नाइट्स में उत्तराखंड और देश के जाने-माने कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

आयोजकों का उद्देश्य महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को केवल मनोरंजन तक सीमित रखने के बजाय उसे पर्यटन, रोजगार, हस्तशिल्प और उद्यमिता से जोड़ना है। दिल्ली जैसे महानगर में इतने लंबे समय तक चलने वाला यह आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच प्रदान करेगा।

21 दिनों तक चलने वाला उत्तराखंड लोक महोत्सव राजधानी दिल्ली में पहाड़ की संस्कृति, लोक परंपराओं और आधुनिक प्रस्तुति का संगम पेश करेगा। इस दौरान दिल्ली में उत्तराखंड के लोकगीतों की गूंज, पारंपरिक नृत्यों की रंगत, पहाड़ी व्यंजनों की खुशबू और हस्तशिल्प की विविधता देखने को मिलेगी। ऐसे में यह आयोजन उत्तराखंड की संस्कृति को राष्ट्रीय राजधानी में जीवंत रूप से प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उत्सव बनने की उम्मीद है।

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Hill Mail

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