Wednesday , 16 September 2026
Home अतुल्य उत्तराखंड हिंदी केवल भाषा नहीं, हमारी संस्कृति की पहचान: डा.शिवेंद्र कुमार कश्यप
अतुल्य उत्तराखंडउत्तराखंड न्यूज़सरोकारसाक्षात्कार

हिंदी केवल भाषा नहीं, हमारी संस्कृति की पहचान: डा.शिवेंद्र कुमार कश्यप

हिंदी दिवस के अवसर पर गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में हिंदी भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार को समर्पित ‘प्रवाह’ हिंदी सप्ताह का समापन गांधी हॉल में हुआ। अधिष्ठाता छात्र कल्याण के अंतर्गत सांस्कृतिक चेतना परिषद प्रोफेशनल सोसाइटी की ओर से आयोजित यह हिंदी सप्ताह 8 से 14 सितम्बर 2026 तक चला। सप्ताहभर आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी रचनात्मकता, ज्ञान और अभिव्यक्ति क्षमता का प्रदर्शन किया।

 

हिंदी सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें ‘शास्त्रार्थ’ वाद-विवाद प्रतियोगिता, ‘कथा कल्पना’ कथा लेखन-वाचन प्रतियोगिता, ‘अक्षरांश’ कविता लेखन-वाचन प्रतियोगिता तथा ‘प्रज्ञात्म’ हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। आयोजकों के अनुसार इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति जागरूक करना, भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देना और भारतीय संस्कृति तथा परंपराओं से उनके जुड़ाव को मजबूत करना था।

प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने विषयों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। ‘अक्षरांश’ कविता प्रतियोगिता में शैली मठपाल और नीतू नौटियाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। ‘प्रज्ञात्म’ हिंदी प्रश्नोत्तरी में स्वाति भट्ट और गुंजन अव्वल रहे। ‘शास्त्रार्थ’ वाद-विवाद प्रतियोगिता में अभिषेक ममगांई और कनिका शर्मा ने बाजी मारी, जबकि ‘कथा कल्पना’ कथा लेखन-वाचन प्रतियोगिता में सृष्टि ठाकुर प्रथम रहीं।

समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डा. शिवेंद्र कुमार कश्यप मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने हिंदी भाषा के महत्व, इसके व्यापक प्रयोग और विद्यार्थियों के जीवन में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मूल्यों, संस्कृति और संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने वाली भाषा भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के प्रति सम्मान बनाए रखने और इसके अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।

कुलपति ने कहा कि भाषा का संबंध बोलने और लिखने तक सीमित नहीं होता। भाषा समाज की सोच, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बनती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे हिंदी को अपने दैनिक जीवन के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियों में भी अपनाएं। उनके अनुसार विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थानों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से और मजबूती से जुड़ सकती है।

विश्वविद्यालय की कुलसचिव डा. दीपा विनय ने हिंदी सप्ताह के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं और गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों तथा आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने के साथ भाषा के प्रति रुचि विकसित करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

परिषद की परामर्शदात्री डा. विनीता राठौर ने समारोह में उपस्थित अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने हिंदी के विकास और प्रचार-प्रसार में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक जीवन से गहराई से जुड़ी भाषा है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से इसके प्रयोग को दिशा और व्यापक मंच मिल सकता है। उन्होंने सभी का आभार भी व्यक्त किया।

समारोह में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा. वी.सी. ध्यानी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डा. अनिल कुमार शुक्ला, अधिष्ठाता प्रौद्योगिकी महाविद्यालय डा. सिया शरण गुप्ता, निदेशक संचार डा. जे.पी. जायसवाल सहित विश्वविद्यालय के अन्य गणमान्य अतिथि, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। हिंदी सप्ताह के समापन के साथ विश्वविद्यालय में भाषा, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को आगे भी जारी रखने का संदेश दिया गया।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

चंपावत में भाजपा की बड़ी सेंध, नगर पंचायत अध्यक्ष समेत 31 लोगों ने थामा कमल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्वाचन जिले चंपावत में भाजपा ने कांग्रेस...

सीएम धामी का सख्त निर्देश: 15 अक्टूबर के बाद सड़कों पर उतरकर खुद करेंगे औचक निरीक्षण

उत्तराखंड में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों...