मुख्यमंत्री ने संस्थान में अध्ययनरत बालिकाओं से बातचीत भी की और उनकी पढ़ाई, दिनचर्या तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। बालिकाओं ने मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खुशी जताई और अपने अंदाज में उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। बच्चों के सहज व्यवहार और आत्मीय भावनाओं ने मुख्यमंत्री को भावुक कर दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इन बेटियों का आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि शारीरिक चुनौतियां किसी बच्चे की प्रतिभा और संभावनाओं को सीमित नहीं कर सकतीं। प्रत्येक बच्चे में आगे बढ़ने और अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता होती है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें उचित अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास दिया जाए।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। ऐसे बच्चों को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ने के लिए बच्चों को परिवार, समाज और संस्थानों से निरंतर सहयोग मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिव्यांगजन सम्मान के साथ जीवन जी सकें और उन्हें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए पर्याप्त अवसर प्राप्त हों। उन्होंने शिक्षा को सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने पर दिव्यांग बच्चे भी विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने संस्थान के वातावरण और वहां बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उनके अनुभव सुने। इस दौरान बालिकाओं ने मुख्यमंत्री के जन्मदिन को अपने बीच मनाकर खुशी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों के स्नेह और शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया।
धामी ने कहा कि जन्मदिवस पर उन्हें कई लोगों से शुभकामनाएं मिलीं, लेकिन दिव्यांग बालिकाओं की ओर से मिले स्नेह ने इस दिन को उनके लिए विशेष बना दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की मासूमियत और आत्मीयता ने उन्हें भीतर तक छू लिया। उनके अनुसार, समाज के कमजोर और विशेष आवश्यकता वाले वर्गों के प्रति संवेदनशीलता ही एक बेहतर और समावेशी समाज की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चे को यह महसूस होना चाहिए कि वह समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उसके सपनों को पूरा करने के लिए उसके साथ पूरा समाज खड़ा है। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर संस्थान में हुआ यह भावुक क्षण लंबे समय तक चर्चा में रहा। बालिकाओं की शुभकामनाओं और मुख्यमंत्री की भावुक प्रतिक्रिया ने कार्यक्रम को आत्मीय बना दिया।


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