प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का यह केदारनाथ धाम का सातवां दौरा होगा। इससे पहले वह छह बार बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। उनका पिछला केदारनाथ दौरा 21 अक्टूबर 2022 को हुआ था। उस समय प्रधानमंत्री ने गर्भगृह में पहुंचकर बाबा केदार की पूजा-अर्चना की थी और केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया था। अब करीब चार साल बाद प्रधानमंत्री एक बार फिर केदारनाथ पहुंचेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले 3 मई और 20 अक्टूबर 2017, 7 नवंबर 2018, 18 मई 2019, 5 नवंबर 2021 और 21 अक्टूबर 2022 को केदारनाथ धाम आ चुके हैं। केदारनाथ के प्रति प्रधानमंत्री की विशेष आस्था के साथ ही धाम के पुनर्निर्माण और विकास परियोजनाओं पर भी उनके दौरों के दौरान विशेष ध्यान रहा है।
एसपीजी ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए केदारनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। एसपीजी की टीम केदारनाथ पहुंचकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा ले चुकी है। प्रशासन की ओर से धाम में चल रहे निर्माण कार्यों, यात्री सुविधाओं, आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी तैयार की जा रही है।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री केदारनाथ में चल रहे विभिन्न पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ले सकते हैं। केदारपुरी में पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। इनमें यात्रियों की सुविधाओं, मंदिर परिसर के आसपास व्यवस्थाओं और आपदा के बाद पुनर्निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं।
टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट का लोकार्पण भी संभव
प्रधानमंत्री के उत्तराखंड दौरे में टिहरी स्थित टीएचडीसी के 1000 मेगावाट पंप स्टोरेज प्लांट का लोकार्पण भी संभावित है। यह परियोजना उत्तराखंड की ऊर्जा क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान धार्मिक आस्था के केंद्र केदारनाथ के साथ ऊर्जा और विकास परियोजनाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा बन सकती हैं।
प्रधानमंत्री का यह दौरा उत्तराखंड के लिए धार्मिक, विकास और ऊर्जा परियोजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केदारनाथ धाम में दर्शन के साथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा और टिहरी में ऊर्जा परियोजना से जुड़ा कार्यक्रम राज्य में चल रही विकास गतिविधियों को भी रेखांकित करेगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल 2026 को देहरादून आए थे। इस दौरान उन्होंने 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय लगभग ढाई घंटे रह गया है।
प्रधानमंत्री के केदारनाथ दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। धाम में सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और निर्माण कार्यों की व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। 22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री के केदारनाथ पहुंचने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी उत्साह है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री बाबा केदार के दर्शन के साथ केदारपुरी के विकास कार्यों की स्थिति से भी रूबरू होंगे।


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