मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र में योजना के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के साथ शासनादेश जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही, इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी अविलंब मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे मुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिक्षा विभाग को भेजा पत्र
मुख्यमंत्री कार्यालय के उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा ने विद्यालयी शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र भेजा है। इसमें मुख्यमंत्री की घोषणा का उल्लेख करते हुए इसके क्रियान्वयन के लिए अग्रिम कार्रवाई करने को कहा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि योजना के लिए आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करते हुए शासनादेश जारी किया जाए, ताकि घोषणा को अमलीजामा पहनाया जा सके।
हालांकि, फिलहाल टैबलेट वितरण की निश्चित तारीख, पात्र विद्यार्थियों की अंतिम संख्या और प्रत्येक छात्र को मिलने वाली धनराशि के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इन बिंदुओं पर विभागीय निर्णय और शासनादेश जारी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
18 सितंबर को मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 18 सितंबर को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया था। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को अपनी समस्याएं, सुझाव और शैक्षिक जरूरतें मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर मिला था।
इसी दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से विद्यार्थियों के लिए टैबलेट उपलब्ध कराने से जुड़ा सवाल पूछा था। छात्रा के प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से धनराशि देने की घोषणा की थी।
डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
आज के समय में पढ़ाई के लिए डिजिटल संसाधनों की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, शैक्षिक वीडियो और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों की पढ़ाई में मददगार साबित हो सकते हैं। ऐसे में टैबलेट उपलब्ध कराने की योजना से राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
अब मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र के बाद सभी की निगाहें विद्यालयी शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिलने तथा शासनादेश जारी होने के बाद ही योजना की पात्रता, धनराशि और वितरण प्रक्रिया से संबंधित तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।




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