Home स्पेशल गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 का भव्य समापन, एमटीबी रेस में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
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गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 का भव्य समापन, एमटीबी रेस में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 का सोमवार को रोमांचक माउंटेन टेरेन बाइकिंग (एमटीबी) रेसिंग प्रतियोगिता के साथ भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता में देशभर से पहुंचे साइकिलिस्टों ने दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर अपनी प्रतिभा, साहस और सहनशक्ति का शानदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी ने गुंजी से प्रतिभागी साइकिलिस्टों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उनका उत्साहवर्धन किया।

 

आदि कैलाश क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अत्यधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय मार्गों के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता ने खिलाड़ियों के सामने बड़ी चुनौती पेश की। दुर्गम रास्तों, ऊबड़-खाबड़ सतह और पहाड़ी परिस्थितियों के बावजूद प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ रेस में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

50 और 25 किलोमीटर की श्रेणियों में मुकाबला

एमटीबी रेस का आयोजन 50 किलोमीटर और 25 किलोमीटर की दो अलग-अलग श्रेणियों में किया गया। दोनों श्रेणियों में प्रतिभागियों ने अपनी शारीरिक क्षमता, तकनीकी कौशल और कठिन रास्तों पर साइकिल चलाने की दक्षता का परिचय दिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी।

50 किलोमीटर महिला वर्ग में स्टार नर्जरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। अवनी दताल दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि स्वामी बोनाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में प्रतिभागियों ने कठिन पहाड़ी रास्तों पर बेहतरीन संतुलन और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया।

इसी तरह 50 किलोमीटर पुरुष वर्ग में खुशीमन ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। प्रकाश थापा दूसरे स्थान पर रहे, जबकि थोथमचम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पुरुष वर्ग की इस स्पर्धा में भी खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

वहीं, 25 किलोमीटर पुरुष वर्ग की प्रतियोगिता में प्रांजल चौहान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। अश्विन दूसरे और भानू तीसरे स्थान पर रहे। इस श्रेणी में भी खिलाड़ियों ने चुनौतीपूर्ण मार्गों पर अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन किया।

सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 जैसे आयोजनों का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में साहसिक खेलों और पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। ऐसे आयोजन उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों को नई पहचान देने के साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन की संभावनाओं को भी मजबूत कर सकते हैं।

गुंजी और आसपास के क्षेत्रों में प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचे पर्वतों और कठिन ट्रैकिंग मार्गों के कारण साहसिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। साइकिलिंग जैसी गतिविधियों से इन क्षेत्रों को पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान मिल सकती है। साथ ही, पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय कारोबार, होमस्टे और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 का समापन खिलाड़ियों के उत्साह और शानदार प्रदर्शन के बीच हुआ। प्रतियोगिता ने एक बार फिर उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में साहसिक खेलों के आयोजन की संभावनाओं को रेखांकित किया।

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Hill Mail

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