SDRF को यह प्रमाण-पत्र निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के बाद मिला। इसके लिए 23 से 25 सितंबर 2026 तक जौलीग्रांट स्थित SDRF वाहिनी मुख्यालय में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की ओर से ऑडिट किया गया। इस दौरान BIS के पूर्व वैज्ञानिक जी और उप महानिदेशक विष्णु गुप्ता ने सेनानायक अर्पण यदुवंशी की मौजूदगी में बल की विभिन्न शाखाओं और कार्यप्रणालियों का निरीक्षण किया। मूल्यांकन के बाद 8 अक्टूबर 2026 को प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
प्रशासन से लेकर प्रशिक्षण तक हुई जांच
ऑडिट के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, जवानों के प्रशिक्षण, संसाधनों के प्रबंधन, दस्तावेजों के रखरखाव, गुणवत्ता प्रबंधन और मानक संचालन प्रक्रियाओं के पालन की समीक्षा की गई। इन सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप परखा गया। प्रमाण-पत्र मिलने से SDRF को अपनी कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार करने और जिम्मेदारियों को अधिक व्यवस्थित तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
उत्तराखंड भूकंप, भूस्खलन, अतिवृष्टि, बादल फटने, बाढ़, हिमस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील राज्य है। यहां दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में SDRF की 40 से अधिक टीमें प्रदेशभर में चौबीसों घंटे आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहती हैं।
चारधाम यात्रा और साहसिक पर्यटन में भी अहम भूमिका
SDRF का काम केवल प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव अभियान चलाने तक सीमित नहीं है। चारधाम यात्रा के दौरान दुर्गम पैदल मार्गों पर श्रद्धालुओं की सहायता, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालना और पर्वतारोहण के दौरान आपात स्थिति में राहत पहुंचाना भी इसकी जिम्मेदारी है। इसके अलावा धार्मिक आयोजनों, रिवर राफ्टिंग और साहसिक पर्यटन गतिविधियों के दौरान भी जवान तैनात रहते हैं।
ISO प्रमाण-पत्र से संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, उपकरणों के रखरखाव, प्रशिक्षण व्यवस्था और बचाव अभियानों की तैयारी को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे कार्यप्रणाली में सामने आने वाली कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की प्रक्रिया भी बेहतर हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने SDRF को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान बल की कार्यकुशलता, अनुशासन और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और पुलिस महानिरीक्षक SDRF योगेंद्र सिंह रावत के मार्गदर्शन में सेनानायक अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में बल की तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है। यह उपलब्धि उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




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