प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार उत्तराखंड के जल, जंगल और जमीन को निजी हाथों में सौंपने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जॉर्ज एवरेस्ट की 144 हेक्टेयर भूमि बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण से जुड़ी कंपनी को महज एक करोड़ रुपये सालाना लीज रेंट पर दी गई है।
गोदियाल ने कहा कि इतनी बड़ी सरकारी संपत्ति का उपयोग प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता था। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता और राज्य की आय में भी वृद्धि होती, लेकिन सरकार ने इसे निजी कंपनी के हवाले कर दिया।
22 से 23 करोड़ के कर्ज पर उठाए सवाल
गणेश गोदियाल ने जॉर्ज एवरेस्ट के विकास पर खर्च हुई धनराशि को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस पर्यटन स्थल को विकसित करने के लिए एक वित्तीय संस्था से करीब 22 से 23 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था। ऐसे में सालाना एक करोड़ रुपये के लीज रेंट से ऋण और उसके ब्याज की भरपाई करना भी मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि इसका आर्थिक बोझ अंततः प्रदेश की जनता और आने वाली पीढ़ियों को उठाना पड़ सकता है।
गोदियाल ने बताया कि कांग्रेस प्रदेश में सरकारी परिसंपत्तियों को निजी हाथों में सौंपे जाने के करीब 40 मामलों को लेकर आंदोलन कर रही है। इनमें 18 स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।
कांग्रेस सरकार बनने पर वापस ली जाएंगी परिसंपत्तियां
प्रदर्शन के दौरान गणेश गोदियाल ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनने पर जनहित के विपरीत निजी हाथों में सौंपी गई सभी सरकारी परिसंपत्तियों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें वापस सरकार के अधीन लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जमीन और सरकारी संपत्तियां किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की धरोहर हैं। भाजपा सरकार को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किन परिस्थितियों में इतनी बड़ी भूमि निजी कंपनी को लीज पर दी गई।
इस दौरान गोदियाल ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति देने की मांग भी उठाई। उन्होंने मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री पर एक-दूसरे को बचाने का आरोप लगाया। साथ ही अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए प्रदेश सरकार को बेटियों की सुरक्षा और न्याय के मुद्दे पर घेरा।
धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, राजेंद्र शाह, उपेंद्र थापली, सुमेंद्र सिंह बोहरा, मनीष गौनियाल, सोनिया आनंद, मेघ सिंह और जसबीर कौर समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।




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