Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ उत्तराखंड सरकार ने ऑस्ट्रेलिया से खरीदी मैरिनो भेड़ें, जानें क्या खास
उत्तराखंड न्यूज़

उत्तराखंड सरकार ने ऑस्ट्रेलिया से खरीदी मैरिनो भेड़ें, जानें क्या खास

हिल मेल ब्यूरो, देहरादून

भेड़ों की नस्ल में सुधार कर ऊन गुणवत्ता और ऊन उत्पादन बढ़ाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने ऑस्ट्रेलिया से खास किस्म की भेड़ें खरीदी हैं। राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत कुल 240 मैरिनो भेड़ें आयात की गई हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि यह एक क्रांतिकारी और प्रगतिशील कदम है जो राज्य के किसानों के लिए वरदान साबित होगा।

रावत ने बताया कि उच्च गुणवत्ता वाली, ऑस्ट्रेलियाई नस्ल की मैरिनो भेड़ों को अगले पांच वर्षों तक एक निर्धारित ब्रीडिंग प्लान के तहत ‘प्योर लाइन’ एवं ‘क्रॉस ब्रीड’ कार्यक्रमों में उपयोग में लाया जाएगा, जिससे राज्य की भेड़ों में व्याप्त अन्त: प्रजनन की समस्या से निजात पाई जा सके। उन्होंने बताया कि आधुनिक कृत्रिम प्रजनन तकनीक और एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक से उच्च कोटि के जर्मप्लाज्म को उत्तराखंड के भेड़ पालकों को उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य तकनीक का प्रयोग कर उच्च गुणवत्ता के ऊन उत्पादन को वर्तमान 558 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 1000 मीट्रिक टन तक करना है। इससे प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को भी गांवों में बसाए रखने तथा सतत आर्थिक गतिविधि के रूप में भेड़ पालन को अपनाने में भी मदद मिलेगी।

पशुपालन सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि साढे़ आठ करोड़ रुपये की लागत से आयात की गईं कुल 240 मैरिनो भेड़ों में से 40 नर और 200 मादाएं हैं। अधिकारी ने बताया कि इन भेड़ों को फिलहाल टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र में रखा गया है।

उत्तराखंड में भारी बर्फबारी, केदारपुरी में 6 फीट बर्फ, माइनस में तापमान

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...