हिल मेल ब्यूरो
उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार सूबे में 5 प्रसिद्ध स्थानीय देवी-देवताओं के मंदिरों को मां भगवती सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। जी हां, इसके लिए पांच मंदिरों को चुन भी लिया गया है। पहाड़ तक ट्रेन से भी लोग पहुंच सकें, इसके लिए इन सर्किटों को इससे कनेक्ट किया जाएगा। पांच सर्किटों में शैव सर्किट, वैष्णव सर्किट, डांडा नागराज, गोलू देवता और नवग्रह सर्किट शामिल हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि इन चुने गए पांच मंदिरों का विशेष इतिहास एवं मान्यताएं हैं। ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए ही इनका चयन किया गया है। सर्किट के रूप में विकसित होने के बाद यहां के गांवों में पर्यटन की अपार संभावनाएं होंगी और रोजगार भी होगा। यहां रेल एवं सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी भी बेहतर की जाएगी।
हाल में देवप्रयाग के रघुनाथ मंदिर से जनकपुर तक राम बारात ले जाई गई थी। अब प्रदेश सरकार चाहती है कि सीता माता के घर जनकपुरी से अयोध्या तक रेलसेवा चलाई जाए। इसके लिए सरकार की तरफ से रेल मंत्री से अनुरोध भी किया है। आपको बता दें कि रेल कनेक्टिविटी होने से दोनों क्षेत्रों के लोग एक दूसरे से सीधे जुड़ सकेंगे, आना-जाना भी आसान होगा।


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