उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को उत्तरकाशी में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान यानी निम की माउंटेनियरिंग समिट का शुभारंभ किया। यहां मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले पर्वतारोहियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया।
उन्होंने कहा, राज्य सरकार ने फैसला किया है कि पर्वतारोहण के लिए जो शुल्क लिया जाता है, उसमें रियायत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह शुल्क महज पंजीकरण के तौर पर रहेगा, जिससे सरकार के पास पर्वतारोहण और ट्रैकिंग करने वालों की जानकारी हो। इससे अगर कभी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव अभियान चलाने की जरूरत होगी, तो सरकार के पास पर्यटकों का सही आंकड़ा होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में जल्द ही एडवेंचर विभाग अस्तित्व में आने जा रहा है। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी जिले के स्थापना दिवस पर यहां 140 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।
ट्रैकिंग प्रेमियों को दी खुशखबरी
मुख्यमंत्री ने ट्रैकिंग प्रेमियों को खुशखबरी देते हुए कहा कि उत्तरकाशी जिले में ट्रैकों को ऑनलाइन कराने, कुछ ट्रैकों में विदेशी पर्यटकों को अनुमति देने, पर्वतारोहण का शुल्क कम करने, उत्तराखंड में इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन का काउंटर खोलने पर अगले महीने विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा और दुर्घटनाओं को दिखते हुए राज्य में रेस्क्यू सेंटर खोलने पर भी विचार हो रहा है।
मुख्यमंत्री आज दोपहर करीब 12.30 बजे हेलीकॉप्टर से मातली हेलीपैड पहुंचे। यहां से वे कार द्वारा नेहरू पर्वतारोहण संस्थान पहुंचे और माउंटेनियरिंग समिट में शिरकत की। यहां उनका स्वागत निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने किया।


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