ग्रामीणों के अनुसार चंपा देवी सोमवार शाम करीब पांच बजे गांव के पास घास काट रही थीं। इस दौरान वह अपने काम में व्यस्त थीं। अचानक पास की झाड़ियों से एक भालू बाहर निकला और महिला पर झपट पड़ा। हमले से महिला घबरा गईं और उन्होंने बचाव के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। भालू ने उनके पैर को पकड़ लिया और उसे चबा दिया। इससे उनके पैर में गहरे घाव हो गए।
महिला की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण
घटना के समय आसपास के खेतों में कई ग्रामीण काम कर रहे थे। चंपा देवी की चीख सुनकर ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों ने एकजुट होकर शोर मचाया और भालू को भगाने का प्रयास किया। ग्रामीणों के लगातार शोर करने पर भालू महिला को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल महिला को संभाला और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की।
परिजनों और ग्रामीणों की मदद से चंपा देवी को जिला अस्पताल बागेश्वर पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। हमले में उनके पैर में गहरे घाव बताए जा रहे हैं। घटना के बाद परिवार के लोगों में चिंता का माहौल है।
क्षेत्र में भालू की मौजूदगी से दहशत
डाडल गांव और आसपास के क्षेत्रों में भालू की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में पहले से चिंता बनी हुई है। जंगल से सटे इलाकों में ग्रामीणों को अक्सर घास और लकड़ी आदि के लिए जाना पड़ता है। ऐसे में जंगली जानवरों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को खतरा बना रहता है।
महिला पर हुए हमले के बाद ग्रामीणों में भालू को लेकर दहशत और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से लगे क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ने से लोगों को सावधानी के साथ खेतों और जंगल की ओर जाना पड़ रहा है। विशेषकर महिलाओं को घास काटने और अन्य ग्रामीण कार्यों के लिए अकेले जंगल की तरफ जाने में खतरा महसूस हो रहा है।
वन विभाग से निगरानी बढ़ाने की मांग
भालू के हमले की घटना के बाद ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भालू की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों को सतर्क करने की आवश्यकता है। साथ ही, जंगल से लगे गांवों में वन विभाग की निगरानी बढ़ाने की मांग भी उठ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय रहते भालू की गतिविधियों का पता लगाया जाए और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जाए तो इस तरह की घटनाओं से बचाव में मदद मिल सकती है। ग्रामीणों ने लोगों से भी जंगल या खेतों में जाते समय समूह में जाने और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है।
डाडल गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। फिलहाल घायल चंपा देवी का जिला अस्पताल बागेश्वर में उपचार चल रहा है। ग्रामीण महिला के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं और क्षेत्र में भालू की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं।


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