उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी में बुधवार देर रात एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर जाने से पिक्चर पैलेस से लंढौर बाजार जाने वाला प्रमुख मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। घटना के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि जिस समय पेड़ गिरा, उस दौरान वहां से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, एमडीडीए पार्किंग के समीप स्थित एक बड़ा पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा। पेड़ गिरते ही मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों का आवागमन रुक गया। कुछ ही देर में सड़क पर लंबा जाम लग गया। घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने तत्काल वन विभाग और अग्निशमन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग और फायर सर्विस की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। वन दरोगा अभिषेक सजवान ने बताया कि पेड़ के सड़क पर गिरने से पूरा मार्ग अवरुद्ध हो गया था। स्थिति को देखते हुए टीम ने तुरंत पेड़ को काटकर हटाने का अभियान शुरू किया।
करीब आधे घंटे तक चले संयुक्त अभियान के दौरान कर्मचारियों ने पेड़ की बड़ी-बड़ी शाखाओं को काटकर सड़क से हटाया। इसके बाद मार्ग को पूरी तरह साफ कर यातायात के लिए खोल दिया गया। सड़क खुलते ही दोनों ओर फंसे वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो सकी और लोगों ने राहत की सांस ली।
वन दरोगा अभिषेक सजवान ने बताया कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति, वाहन या अन्य संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है। यदि पेड़ गिरने के समय वहां से कोई वाहन गुजर रहा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। समय रहते मार्ग खाली होने के कारण एक संभावित दुर्घटना टल गई।
राहत एवं बचाव अभियान में वन विभाग के राहुल कुकरेती, मुलायम तथा अग्निशमन अधिकारी धीरज तड़ियाल सहित फायर सर्विस के कई कर्मचारी शामिल रहे। सभी ने समन्वय के साथ काम करते हुए कम समय में सड़क को यातायात के लिए बहाल कर दिया।
मसूरी जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ों के गिरने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के दौरान कमजोर और पुराने पेड़ों की नियमित जांच तथा आवश्यक छंटाई की जानी चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर खड़े पुराने और जर्जर पेड़ों का सर्वेक्षण कराने तथा समय रहते उनकी देखरेख सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पर्यटन सीजन में इन मार्गों पर वाहनों और पैदल यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।
फिलहाल वन विभाग और फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई से मार्ग को जल्द खोल दिया गया और स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित विभागों को दें।








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