आम आदमी पार्टी के उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कर्नल (रिटा.) अजय कोठियाल गंगोत्री विधानसभा सीट से 2022 से सियासी समर में उतरेंगे। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने उत्तराखंड दौरे के दूसरे दिन उत्तरकाशी में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सभी विधानसभाओं में अपने प्रत्याशी उतारने जा रही है। वहीं कर्नल कोठियाल ने सूबे की दोनों मुख्य पार्टियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कोई हमें भाजपा की ‘बी’ तो कोई कांग्रेस की ‘बी’ टीम कहता है। हकीकत ये है कि पिछले 21 साल में उत्तराखंड में ‘बी’ टीम भाजपा और ‘सी’ टीम कांग्रेस ने राज किया। उत्तराखंड के हालत 21 साल में बहुत खराब हो गए। स्वास्थ्य, शिक्षा रोजगार समेत कई मुद्दों पर सरकारों ने काम नहीं किया। शहीदों के सपनों के उत्तराखंड के लिए किसी भी सरकार ने काम नहीं किया जबकि अब जनता के पास मौका है आप की ‘ए’ टीम चुनने का, जो उत्तराखंड नवनिर्माण के साथ प्रदेश के पिछले 21 साल के सपनों को साकार कर सकती है।

मनीष सिसोदिया और कर्नल कोठियाल उत्तरकाशी में विशाल तिरंगा यात्रा में शामिल हुए और जनसभा को संबोधित किया। सिसोदिया ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान घोषणा करते हुए कर्नल अजय कोठियाल को गंगोत्री विधानसभा से ऑफिशियली आप का प्रत्याशी घोषित किया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एक खुशखबरी लेकर आया हूं। आम आदमी पार्टी की ओर से गंगोत्री विधानसभा से कर्नल अजय कोठियाल चुनाव लडेंगे। उन पर जनता का विश्वास है, चाहे रोजगार दिलाना हो या आपदा के दौर में काम करना हो, वह सब बेहतर जानते हैं। गंगोत्री के लोगों के लिए यह अच्छा अवसर है, उनके लिए कर्नल कोठियाल एक बेहतर विकल्प हैं, गंगोत्री के साथ ही उत्तराखंड के लिए भी यह अच्छी खबर है। गंगोत्री के राजनैतिक इतिहास को बताते हुए सिसोदिया ने कहा कि यहां जिस पार्टी का विधायक जीता है उसकी ही सरकार बनती आई है। इस बार कर्नल कोठियाल को चुने और प्रदेश को विकास करने वाली सरकार दे, उत्तराखंड नवनिर्माण करने वाली सरकार दें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को भाजपा और कांग्रेस ने पिछले 21 साल से छलने का काम किया। दिल्ली में जब यहां की प्रसूता की मौत की खबर पढ़ता हूं तो दुख होता है। शिक्षा के हालात भी बदहाल हैं। उत्तराखंड की राजनीति में जिस विजन एवं साहस की जरूरत है, वह अब तक नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि गंगोत्री और यहां की जनता को यह सौभाग्य मिलेगा की राज्य को ईमानदार, कर्मठ नेता मिलने जा रहा है। उनकी विधानसभा से सिर्फ विधायक नहीं सीएम प्रत्याशी भी है, आप एक बार उनपार विश्वास कर के देखिए।

उन्होंने कहा, हमने सात साल पहले जब दिल्ली में काम शुरू किया था, उस वक्त सबने कहा बिजली मुफ्त संभव नहीं है, अच्छे सरकारी स्कूल कैसे बन सकते हैं, लेकिन हमने सब कुछ कर के दिखाया है। काम करने की इच्छाशक्ति और विजन हो तो कोई भी काम संभव है। अब उत्तराखंड की बारी है। हर जगह की अपनी कमी और खूबियां होती है, यदि दिल्ली में संभव हो सकता है तो हर जगह संभव है। उत्तराखंड में भी नवनिर्माण होगा । उन्होंने कहा, दिल्ली में बिजली मंगवाकर मुफ्त दी जा रही है। उत्तराखंड दूसरों को बिजली देता है, ऐसे में यहां मुफ्त बिजली दी जा सकती है। मनीष सिसोदिया ने कहा, भाजपा और कांग्रेस के शासन में स्कूलों के हालात खराब रहे। अब दिल्ली के स्कूलों से बच्चे नीट का एग्जाम क्लियर कर रहे हैं। एक ही स्कूल से 51 बच्चों ने नीट क्लियर किया है। आजादी के बाद से ही यहां की शिक्षा बेहतर रही है तो अब भी अच्छी शिक्षा संभव है। जब पांच साल में दिल्ली में संभव है, तो यहां भी हो सकता है।
वहीं रामलीला मैदान में अपने संबोधन में कर्नल कोठियाल ने कहा कि मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है। 2013 में जहां खड़ा था, आज वहीं हूं। उन्होंने कहा,अब समय आ गया जब अवलोकन करना होगा। 21 साल पहले आंदोलन करके जो उत्तराखंड मिला था, जिसके लिए शहादत दी थी वो सपने आज भी अधूरे हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का उत्तरकाशी में स्वागत करते हुए उनको सैल्यूट किया। उन्होंने कहा, उत्तरकाशी से मेरा खास रिश्ता है। यहां से मैंने सामाजिक सेवा की शुरुआत की । 2013 अप्रैल में उत्तरकाशी में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) का प्रिंसिपल बनकर आया। अप्रैल में मेरी पोस्टिंग आई, 2 महीने बाद हिमालय में सबसे बड़ा डिजास्टर आया। हमको जिम्मेदारी मिली, जिसे हमने युवाओं, लड़कियों, पूर्व फौजियों की मदद, जोश और जुनून से पूरा किया। आपदा में कई टीम बनाई, जिन्होंने मिलकर उस समय जज्बे से कई रेस्क्यू किए। विषम परिस्थितियों में काम किया। लोगों के जुनून को देखते हुए मैंने एक संस्था बनाई, यूथ फाउंडेशन। इस संस्था ने हजारों लोगों को अब तक रोजगार दिया, नंदा देवी राजजात कंडक्ट कराने की जिम्मेदारी निभाई।
कर्नल कोठियाल ने कहा, मुझे अभी समाज में कई काम करने हैं और समाज में अगर कुछ काम करना है तो सरकार में रहना जरूरी है। या तो अधिकारी बनकर रहो या पॉलिटिशन बनो। पॉलिटिक्स मेरे बस की नहीं थी, अधिकारी फौज में रह चुका था। लीडरशिप क्या होती है, विपरीत परिस्थितियों में कैसे लड़ा जाता है, कैसे काम किया जाता है, ये लीडरशिप मैंने फौज से सीखी। उन्होंने कहा, मैं दिल्ली जाकर ऐसी पार्टियों के सामने ऊठक-बैठक नहीं कर सकता था। मुझे मालूम है ऊठक-बैठक शरीर को स्वस्थ रखने के लिए करना ठीक है, लेकिन टिकट के लिए इसे करना पड़े तो मैं उस पार्टी का हिस्सा नहीं बन सकता। फिर मुझे ऐसी पार्टी मिली जिसने जो कहा, करके दिखाया और जनता बार-बार उनको बहुमत देकर दिल्ली की सत्ता दे रही है। उत्तराखंड के लिए भी आज कई सुलगते सवाल हैं। रोजगार शिक्षा ,फ्री बिजली, बेहतर शिक्षा की जरूरत है।
मनीष सिसोदिया पहुंचे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान
इससे पहले, मनीष सिसोदिया और कर्नल अजय कोठियाल ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान का दौरा किया। कर्नल कोठियाल निम में बतौर प्रधानाचार्य अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मनीष सिसोदिया ने निम के मैनेजमेंट से बात करते हुए निम में संचालित कोर्स को दिल्ली में भी संचालित किए जाने की इच्छा जाहिर की, जिसके लिए उन्होंने वहां के प्राचार्य कर्नल अमित बिष्ट से फोन पर बात भी की और उन्हें दिल्ली आने का निमंत्रण भी दिया।
इसके बाद कर्नल कोठियाल और मनीष सिसोदिया उत्तरकाशी में शौर्य स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा जसवंत सिंह को पुष्पमाला अर्पित करते हुए नमन किया। आज ही के दिन बाबा जसवंत सिंह का शहादत दिवस भी है। इस दौरान उन्होंने वहां पूर्व फौजियों से मुलाकात की और यूथ फाउंडेशन के लोगों से भी शौर्य स्थल के बाद दोनों नेता उत्तरकाशी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे, जहां उत्तराखंड नव निर्माण का संकल्प दोहराया।




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