कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान और बीआईएस के उपमहानिदेशक (उत्तरी क्षेत्र) पी राजीव की उपस्थिति में यह हस्ताक्षर हुए। विश्वविद्यालय के निदेशक शोध डा. ए.एस. नैन और उपमहानिदेशक (उत्तरी क्षेत्र) पी. राजीव ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय बी.आई.एस. के एस.ए.डी.एफ. के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर करने वाला देश का पहला कृषि विश्वविद्यालय होने पर कुलपति द्वारा बधाई दी गयी।
एसएडीएफ में पंतनगर विश्वविद्यालय विभिन्न कृषि पद्धतियों और नई तकनीकों का परीक्षण/प्रयोग जिसमें कृषि निवेश, उपकरण, जल प्रबंधन, कीट प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबंधन आदि होंगे वे बीआईएस मानकों के अनुसार होगा।
एस.ए.डी.एफ. का विकास विष्वविद्यालय के शोध निदेशालय द्वारा किया जाएगा और इसका उपयोग विभिन्न हितधारकों को कृषि प्रथाओं/नई प्रौद्योगिकियों पर प्रशिक्षित, शिक्षित, प्रदर्शित करने तथा जागरूकता पैदा करने के लिए भी किया जाएगा।
बीआईएस मानकीकरण चेयर प्रोफेसर डॉ. एस.बी. सिंह और बीआईएस देहरादून के निदेशक सौरभ तिवारी ने इस प्रक्रिया को शुरू किया और एमओयू के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद डॉ. एस.बी. सिंह एसएडीएफ के विकास और संबंधित प्रभाव आंकलन अध्ययनों को संचालित करने के लिए रोडमैप तैयार करेंगे।
एसएडीएफ के अलावा, बीआईएस विभिन्न प्रसार कार्यकर्ता/प्रगतिशील किसानों/किसान उत्पादक संगठनों/कृषि विभाग के अधिकारियों/कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों/शोधकर्ताओं/ कृषि से संबंधित नागरिक समाज संगठनों के लिए एक्सपोजर विजिट्स के आयोजन के लिए भी धन प्रदान करेगा और आवश्यक दस्तावेजीकरण करेगा।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. दीपा विनय, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर डॉ. के.पी. रावेरकर, अधिष्ठात्री प्रौद्योगिकी डॉ. अलकनंदा अशोक, अधिष्ठाता विज्ञान एवं मानविकी डॉ. संदीप अरोडा, अधिष्ठाता पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान डॉ. एस.पी. सिंह, अधिष्ठाता कृषि व्यवसाय प्रबंधन डॉ. आर.एस. जादौन, निदेशक संचार डॉ. जे.पी. जायसवाल, निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण, निदेशक विधि, कार्यवाहक अधिष्ठाता सामुदायिक विज्ञान, संयुक्त निदेशक शोध आदि उपस्थित थे। बीआईएस की ओर से निदेशक सौरभ तिवारी, संयुक्त निदेशक श्याम कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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