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सेन्चुरी पल्प एण्ड पेपर, लालकुआं एवं विश्वविद्यालय के मध्य हुआ अनुबंध

कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय एवं सेन्चुरी पल्प एण्ड पेपर, लालकुआं के मध्य एक एम.ओ.यू. ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि इस अनुबंध से उद्योग एवं विश्वविद्यालय दोनों को ही आय अर्जित करने में लाभ प्राप्त होगा।

इस अवसर पर सेन्चुरी पल्प एण्ड पेपर के सीईओ विजय कौल, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डा. ए.पी. पाण्डे, जीएम नरेश चन्द्र, मुकुल रोहत्गी, सीनियर मेनेजर रविन्द्र सिंह तथा मुख्य महाप्रबंधक फार्म डा. जयंत सिंह के साथ नियंत्रक पंकज शुक्ल, अधिष्ठाता पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान महाविद्यालय डा. एस.पी. सिंह, निदेशक प्रसार शिक्षा एवं संचार डा. जे.पी. जायसवाल, विभागाध्यक्ष, अनुवांशिक एवं पादप प्रजनन विभाग डा. सलिल तिवारी, मुख्य प्रबंधक डा. परविन्दर सिंह, सह निदेशक प्रषासन एवं अनुश्रवण डा. ए.एस. तोमर, भंडार क्रय अधिकारी डा. विनोद बाल्यान एवं फार्म के अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डा. सलिल तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय फार्म की आय बढ़ाने तथा पर्यावरण संवर्धन हेतु हरित प्रयास के अन्तर्गत सेन्चुरी पेपर मिल के संयुक्त तत्वाधान में यूकेलिपटिस का रोपण किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत समस्त वृक्षों की आपूर्ति सेन्चुरी पेपर मिल, लालकुआं द्वारा किये जायेंगे, जिसकी देख-रेख विश्वविद्यालय फार्म द्वारा होगी।

इस परियोजना द्वारा प्रति एकड अनुमानित 80,000 की आय सम्भावित होगी, जबकि वर्तमान में लगभग 47,000 रूपये प्रति एकड की ही है। प्रथम चरण में 200 एकड में वृक्षारोपण का अनुबंध किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप रूपये 8 करोड की आय 200 एकड से प्राप्त होगी। जिसके द्वारा अनुमानित आय 4 लाख प्रति एकड पांच वर्ष में होगी।

प्रत्येक वर्ष सेन्चुरी पेपर मिल के द्वारा लगभग रूपये 50 हजार का प्रति एकड भुगतान विश्वविद्यालय को किया जायेगा। पांचवे वर्ष वृक्ष कटाई पर रूपये 2 लाख प्रति एकड अंतिम भुगतान किया जायेगा। यह आंकलन 2 कुन्तल प्रति वृक्ष के आधार पर है। परन्तु वृक्ष कटने पर अंतिम भुगतान वजन एवं वर्तमान आंकलन पर होगा।

वैज्ञानिकों का मत है कि अंतिम भुगतान आंकलन से अधिक ही होगा। जोकि रूपये 5 से 6 लाख तक होगा। वृक्षारोपण से होने वाली आय विश्वविद्यालय फार्म की वर्तमान आय से 50 से 60 प्रतिशत अधिक होने की संभावना है।

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