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उत्तराखंड न्यूज़देहरादूनसरोकार

शनिवार को बजेगी अलर्ट की घंटी: घबराएं नहीं, यह सिर्फ आपदा चेतावनी सिस्टम का परीक्षण

उत्तराखण्ड में शनिवार को नागरिकों के मोबाइल फोन पर एक विशेष अलर्ट संदेश प्राप्त होगा, जिसके साथ तेज आवाज में घंटी भी बज सकती है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई आपातकालीन स्थिति नहीं, बल्कि एक पूर्व निर्धारित परीक्षण (टेस्ट) है। यह अलर्ट सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से भेजा जाएगा, जिसका उद्देश्य राज्य में स्थापित आपातकालीन सूचना प्रसारण प्रणाली की प्रभावशीलता को जांचना है।

 

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) द्वारा जारी इस पहल का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपदा की स्थिति में चेतावनी संदेश समय पर और व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंच सकें। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे इस संदेश को केवल परीक्षण के रूप में लें और किसी भी प्रकार की घबराहट न फैलाएं।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, यह परीक्षण राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से किया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में संदेश भेजे जाएंगे, ताकि यह आकलन किया जा सके कि अलर्ट कितनी तेजी और सटीकता से लोगों तक पहुंच रहा है।

इस प्रक्रिया के दौरान यह भी देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में नेटवर्क कवरेज या तकनीकी सुधार की आवश्यकता है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तुरंत और स्पष्ट जानकारी मिल सके, जिससे वे समय रहते आवश्यक सावधानी बरत सकें।

प्रशासन का कहना है कि यह प्रणाली न केवल आपदाओं के दौरान चेतावनी देने में मदद करेगी, बल्कि आम जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी सहायक होगी। भविष्य में वास्तविक आपदा की स्थिति में इसी माध्यम से अलर्ट जारी किए जाएंगे, जिन्हें गंभीरता से लेना और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

जनजागरूकता बढ़ाने के लिए समय-समय पर इस प्रकार के परीक्षण और अभियान चलाए जाएंगे। यह पहल उत्तराखण्ड को आपदाओं के प्रति अधिक सजग, सुरक्षित और सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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Hill Mail

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