घटना ज्योतिर्मठ थाना क्षेत्र के पास की है, जहां किमाणा गांव की एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था। लेकिन रास्ते में भारी जाम लगने के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पाया। महिला की हालत लगातार बिगड़ने लगी और परिजन घबराने लगे।
स्थिति गंभीर होती देख तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अस्पताल से नर्सों और चिकित्सा स्टाफ की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। जाम के बीच सड़क किनारे वाहन खड़ा कर स्वास्थ्यकर्मियों ने महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही देर बाद नवजात की किलकारी गूंज उठी और वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
सीएचसी ज्योतिर्मठ के प्रभारी डॉ. गौतम भारद्वाज ने बताया कि स्वास्थ्य टीम ने पूरी सावधानी और तत्परता के साथ प्रसव कराया। जाम खुलने के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
इस दौरान महिला पुलिस कर्मियों ने भी भीड़ नियंत्रित करने और स्वास्थ्य टीम को सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में जिस तरह टीम ने कार्य किया, वह मानवता की मिसाल है।
बदरीनाथ हाईवे पर लगने वाला जाम अब स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन चुका है। खासकर यात्रा सीजन में वाहनों का दबाव बढ़ने से कई जगहों पर लंबी कतारें लग रही हैं। शुक्रवार को कर्णप्रयाग के गांधीनगर क्षेत्र में हाईवे के एक पैच की मरम्मत के कारण दिनभर यातायात प्रभावित रहा।
स्थिति यह रही कि सड़क के दोनों ओर करीब एक-एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। उमा देवी तिराहे से पंचपुलिया की खड़ी चढ़ाई तक वाहन रेंगते नजर आए। भीषण गर्मी में घंटों जाम में फंसे यात्रियों, मरीजों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वाहनों को बारी-बारी से एक छोर से निकाला गया, फिर दूसरे छोर से आवाजाही कराई गई। थानाध्यक्ष विनोद थपलियाल ने बताया कि सड़क मरम्मत कार्य के कारण यातायात प्रभावित हुआ और इसी वजह से जाम की स्थिति बनी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार लग रहे जाम से सबसे अधिक परेशानी मरीजों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक कमल रतूड़ी ने कहा कि हर दिन लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यात्रा सीजन को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए ठोस व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना एक ओर जहां स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और सेवा भावना को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती यातायात समस्या और आपातकालीन व्यवस्थाओं की चुनौतियों को भी उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।


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