विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी कल देर रात को कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र से भ्रमण के बाद देहरादून पहुंची थी। अपने शासकीय आवास पर पहुंचने पर विधानसभा भर्ती प्रकरण से संबंधित जांच रिपोर्ट जांच समिति द्वारा उनको सौंप दी गई।
इस अवसर पर जांच समिति के अध्यक्ष डीके कोटिया, एसएस रावत एवं अवनेंद्र सिंह नयाल मौजूद थे। समिति ने भी भर्ती प्रक्रिया को सही नहीं पाया और उन्होंने भी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने की सिफारिश की थी।

ऋतु खंडूडी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में जांच समिति की अनुशंसा को स्वीकार करते हुए विधानसभा सचिवालय में हुई वर्ष 2016 की 150 नियुक्तियों को, वर्ष 2020 की 6 नियुक्तियों को व वर्ष 2021 की 72 नियुक्तियों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। कुल मिलाकर 228 भर्तियों को निरस्त करने का प्रस्ताव प्रशासन को भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बात पर ट्वीट किया है उन्होंने कहा कि पूर्व में माननीय विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए अनुरोध पत्र के क्रम में अनियमित विधानसभा भर्तियों पर कार्रवाई प्रदेश सरकार की सुशासन नीति को लेकर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बताया जा रहा है कि इन भर्तियों में बडा भाई भतीजावाद चला था और कई लोगों को इसी कारण से नौकरी पर रख दिया गया था। इन नियुक्तियों में बड़ी धांधली सामने आई है। न तो इन भर्तियों के लिए कोई विज्ञापन दिया गया, न इनके लिए कोई इंटरव्यू किया गया और न ही भर्तियां के लिए रोजगार कार्यालय से संपर्क किया गया। यह भर्तियां तो केवल अनुरोध पत्र के माध्यम से ही स्वीकार कर दी गई जो कि बिल्कुल नियमों के खिलाफ है। इसलिए इन भर्तियां को निरस्त किया गया है।


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