पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (PFI) के ठिकानों पर 15 राज्यों में छापे मारे गए। टेरर फंडिंग मामले में NIA और ED ने पीएफआई के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ 15 राज्यों में एनआईए की छापेमारी हुई। इसमें पीएफआई के लगभग 150 ठिकानों पर छापे मारे गए और इनमें से 106 ज्यादा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां हुई हैं। इस ऑपरेशन की प्लानिंग से लेकर इसको अंजाम तक पहुंचाने का काम गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल की निगरानी में हुआ।
अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि में आईएनएस विक्रांत को भारतीय नेवी को सौंपा था। इस दौरान कोच्चि में उनकी सुरक्षा का जिम्मेदारी एनएसए अजीत डोभाल निभा रहे थे। वह वहां पर पीएम की सुरक्षा के अलावा अपनी टीम के साथ पीएफआई के कारनामों के सबूत भी जुटाने में लगे हुए थे। इस दौरान सुरक्षा अधिकारियों द्वारा पीएफआई के नेटवर्क को केरल से उखाड़ फेंकने के लिए काम किया जा रहा था।
इस अंजाम को आखिरी तक पहुंचाने के लिए सबसे पहले एनएसए अजीत डोभाल ने केरल के पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग की और पुलिस के साथ मिलकर कैसे एक्शन प्लान पर काम किया जाये उसकी जानकारी अधिकारियों को दी। उसके बाद वह मुंबई के रवाना हुए और वहां पर गुप्त तरीके से राज्यपाल भवन में सुरक्षा अधिकारियों से इस बारे में मीटिंग की। इस पूरी कार्रवाई को भी बड़े ही गुप्त तरीके से अंजाम दिया गया जैसे कि सर्जिकल स्ट्राइक के ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था।
यह कार्रवाई बिल्कुल गुप्त तरीके से हुई किसी को भी कानों कान इसकी खबर तक नहीं लगी। अचानक सुबह-सुबह खबर आती है कि देश के 15 राज्यों में एनआईए और ईडी की टीम टेरर लिंक मामले में छापेमारी कर रही है। देश के 15 राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यालय इन एजेंसियों के निशाने पर थे। जांच एजेंसियों की मदद के लिए इन राज्यों की पुलिस भी हर मौके पर मौजूद रहती है।

जांच एजेंसी ने दिल्ली में पीएफआई के हेड परवेज आलम को गिरफ्तार किया गया है। आतंकी कनेक्शन को लेकर जांच एजंसियों के रडार पर आई एजेंसी के 3 एजेंट को दिल्ली में पकड़ा गया है। नोएडा में भी एटीएस और एनआईए की टीम छापेमारी कर रही है।
एजेंसी के अधिकारी धड़ाधड़ पीएफआई कार्यालयों में घुसते हैं और वहां के कागजातों को जब्त कर लेते हैं। जांच एजेंसियां कथित तौर पर देशभर में आतंकी गतिविधियों को सपोर्ट करने के आरोप में पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। सैकड़ों जवान और अधिकारी इन छापों में शामिल है।
अबतक पीएफआई से जुड़े 106 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दरअसल, इन छापों के लिए के लिए केंद्रीय एजेंसियों ने बड़ी ही गुप्त तैयारी कर रखी थी। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया और लोगों को पीएफआई ज्वाइन करने के लिए उनमें कट्टरता फैलाई।
सूत्रों से पता चला है कि यह ऑपरेशन देर रात 1 बजे शुरू हुआ था इस ऑपरेशन में 4 आईजी, 1 एडीजी और 16 एसपी रैंक के अधिकारी शामिल थे। पूरी छापेमारी में 150 मोबाइल और 50 लैपटॉप की छानबीन भी हुई है। दिल्ली में गिरफ्तार किये गये पीएफआई के कार्यकर्ताओं की कोर्ट में पेशी हुई और उन्हें 26 सितंबर तक कस्टडी में भेज दिया गया है।
जांच एजेंसियों की रेड के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। रेड के दौरान पीएफआई के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और एनआईए वापस जाओ के नारे लगाए गए। कई जगह तो सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती कर दी गई थी। सीआरपीएफ के जवानों ने कई जगह रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया था।


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