उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होते ही पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गुरुवार तड़के लगातार हो रही बारिश के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोबगड़ के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरे, जिससे हाईवे करीब पांच घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा। मार्ग बंद होने से बदरीनाथ धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और अन्य यात्रियों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीमों ने कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर यातायात को दोबारा सुचारु कराया।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह लगभग साढ़े पांच बजे सिरोबगड़ क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, चट्टानें और पत्थर सड़क पर आ गए। कुछ ही मिनटों में राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहा, जिससे राहत कार्य शुरू करने में भी कठिनाई हुई।
हाईवे बंद होने की सूचना मिलते ही पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंच गईं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए सिरोबगड़ और आसपास के क्षेत्रों में बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। प्रशासन ने किसी भी वाहन को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
मार्ग बंद होने के कारण बदरीनाथ धाम की ओर जाने वाले और वहां से लौट रहे सैकड़ों वाहन सड़क के दोनों ओर फंस गए। यात्रियों को कई घंटे तक अपने वाहनों में ही इंतजार करना पड़ा। कई परिवारों, बुजुर्ग यात्रियों और बच्चों को भी जाम के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार यात्रियों को स्थिति की जानकारी देती रही और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई।
इस दौरान कई स्थानीय लोगों और कुछ यात्रियों ने डुंगरीपंथ-छांतीखाल वैकल्पिक मार्ग का सहारा लिया। इस मार्ग के जरिए लोग रुद्रप्रयाग और ऋषिकेश की ओर रवाना हुए। हालांकि यह मार्ग अपेक्षाकृत लंबा और संकरा होने के कारण सभी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं था, लेकिन आपात स्थिति में इससे कुछ हद तक राहत मिली।
लगातार बारिश के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग की जेसीबी मशीनों और कर्मचारियों ने मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरने के कारण मशीन चालकों और कर्मचारियों को अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ी। कई घंटे की मेहनत के बाद सड़क पर जमा मलबा हटाया गया और सुबह करीब साढ़े दस बजे हाईवे पर यातायात फिर से शुरू कराया गया।
कलियासौड़ चौकी प्रभारी विजय सैलानी ने बताया कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे सिरोबगड़ क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया था। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल बैरियर लगाकर वाहनों को रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि जेसीबी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी रखा गया और करीब पांच घंटे बाद सड़क को पूरी तरह साफ कर यातायात सामान्य रूप से बहाल कर दिया गया।
मानसून के दौरान सिरोबगड़ क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। हर वर्ष बारिश के मौसम में यहां मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे बदरीनाथ हाईवे पर यातायात प्रभावित होता है। प्रशासन ऐसे संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठा रहा है।
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से अपील की है कि मानसून के दौरान यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें। खराब मौसम या भूस्खलन की स्थिति में प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं।








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