बदरीनाथ धाम के कपाट विधि विधान से शीतकाल के लिए बंद होने के साथ ही साल 2020 की चारधाम यात्रा का समापन हो गया। बदरीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) के कपाट बृहस्पतिवार को दोपहर 3:35 बजे बंद किए गए। चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, तीर्थ पुरोहित और सैकड़ों भक्त इस मौके पर उपस्थित रहे। इससे पहले 15 नवंबर को गंगोत्री धाम के कपाट बंद हुए, वहीं 16 नवंबर को भाईदूज के पर्व पर केदारनाथ और यमुनोत्री मंदिर के कपाट बंद हुए। कोरोना के चलते लंबे समय तक बाधित रही चार धाम यात्रा में इस वर्ष लगभग 2 लाख 75 हजार श्रद्धालु और तीर्थयात्री दर्शनों को पहुंचे। अकेले बदरीनाथ में लगभग 1 लाख 8 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के कपाट भी बृहस्पतिवार सुबह बंद कर दिए गए।
कपाट बंद के साथ-साथ उद्धव जी की डोली और कुबेर जी की डोली शीतकाल पूजा के लिए पांडुकेश्वर रवाना हो चुकी है और गरुड़ जी जोशीमठ के लिए रवाना हो चुके हैं और कल प्रातः आदिगुरु शंकराचार्य जी की गद्दी पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोविड19 के दौरान चारधाम यात्रा को पूरे मानकों के साथ संपन्न कराने के लिए मंदिर समिति, स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं का आभार जताया। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘मैं आभारी हूं सभी श्रद्धालुओं/तीर्थयात्रियों, स्थानीय जनता एवं मंदिर समिति का, जिन्होंने कोविड-19 से सभी मानकों का पालन करते हुए यात्रा को सही से संपन्न कराने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। मैं भगवान बदरीविशाल से सभी की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना करता हूं। जय भगवान बदरीविशाल!’
इस बार की चारधाम यात्रा का आकर्षण यूपी एक सीएम योगी आदित्यनाथ और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के समय मौजूद होना रहा। एक दिन के प्रवास के बाद दोनों मुख्यमंत्री केदारनाथ के कपाट बंद होने के वक्त मौजूद रहे। इसके बाद दोनों नेता बदरीनाथ पहुंचे और भगवान बदरीविशाल का आशीष लिया एवं दोनों राज्यों के लोगों के कल्याण की कामना की। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने बदरीनाथ में यूपी सरकार द्वारा बनाए जाने वाले गेस्ट हाउस का शिलान्यास किया।


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