राजेश चंद्रा…चित्रकारी की दुनिया में एक उभरता सितारा। बहुत कम लोग राजेश को व्यक्तिगत तौर पर जानते होंगे, लेकिन उनके काम की चर्चा ऋषिकेश से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक हो चुकी है। इन दिनों राजेश अपने पोस्टरों को लेकर चर्चा में हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने सोनू सूद के लिए एक पोस्टर बनाया था, अब उन्होंने डिस्कवरी चैनल के प्रख्यात प्रस्तोता बियर ग्रिल्स के दो पोस्टर बनाए। बियर अपने शो ‘मैन वर्सेज वाइल्ड’ के लिए दुनिया भर में विख्यात हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ग्रिल्स के कॉर्बेट पार्क में हुए शूट और फिर दक्षिण भारत के सुपर स्टार रजनीकांत के साथ हुए शूट के पोस्टर बनाए।
राजेश ने इन्हें ट्विटर पर जारी किया और बियर ग्रिल्स को टैग किया। इस पर ग्रिल्स ने इन पोस्टरों को ट्वीट करते हुए उन्हें शुक्रिया कहा और बेहतरीन कलाकृति बताया।

इससे पहले, कोरोना काल में अभिनेता सोनू सूद द्वारा लोगों को पहुंचाई जा रही मदद से प्रभावित होकर एक पोस्टर बनाकर उनके काम को ट्रीब्यूट दिया। राजेश ने इसे ट्विटर पर सोनू सूद को टैग किया तो उन्होंने भी इस पोस्टर को सराहा। यह पोस्टर ट्वीट होते ही वायरल हो गया और लोगों ने काफी शेयर किया।

कुछ समय पहले संयुक्त राष्ट्र ‘वर्ल्ड ओसन डे’ ऑर्गेनाइजेशन ने विश्व स्तर पर समुद्र बचाओ प्रदर्शनी का आयोजन किया था, जिसमें दुनियाभर के कलाकारों ने अपना हुनर दिखाया। राजेश चंद्र और उनके 2 बाल कलाकार शिवांश व मानव थापा की पेंटिंग्स ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।

दरअसल, 8 जून को वर्ल्ड ओसन डे मनाया जाता है। इसमें राजेश और उनके कुछ स्टूडेंट ने अपनी पेंटिंग भेजी थी। भारत से तीन पेंटिंग ही सिलेक्ट हुईं। कलरफुल केज टाइटल नाम से बनाई गई पेटिंग में राजेश ने दिखाया कि कैसे एक कछुआ समुद्र के बीच कबाड़ में फंसा है और कछुआ एक सिंबल है, सभी जीव जंतु कैसे समुद्र में प्रदूषण की मार झेल रहे हैं।
इतना ही नहीं, राजेश चंद्र ने कैलिफोर्निया स्थित पर्यावरण संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन हेयर्स टू अवर ओसन द्वारा आयोजित कला प्रतियोगिता में भी अपना जलवा दिखाया। उन्होंने अपने चित्र ‘हर दिन भूमि दिवस’ से कुछ उपाय बताए कि हम कैसे प्लास्टिक के बने डिस्पोजल ग्लास, कोल्ड ड्रिंक स्ट्रॉ, डिस्पोजल आइसक्रीम कप की जगह इको फ्रेंडली तरीके से पर्यावरण को बचा सकते हैं। उन्होंने पेंटिंग में दिखाया कि एक बुजुर्ग नारियल पानी को धान के बने स्ट्रॉ से पी रहा है वहीं एक छोटा बच्चा उस खाली नारियल को एक पौधा लगाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है।

मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के बंदासा गांव के रहने वाले राजेश महज 24 साल के हैं। उन्होंने बताया कि वह बचपन से ही पेंटिंग कर रहे हैं। उनकी मौसी भी पेटिंग करती है, तो उनसे काफी कुछ सीखा। स्कूल में पेटिंग को देख क्लास टीचर ने सुझाव दिया था कि मैं फाइन आर्ट्स में अपना करियर बनाऊं।





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