Home देश-विदेश भारत रत्न और स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 92 वर्ष की उम्र में निधन, देश में शोक की लहर
देश-विदेश

भारत रत्न और स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 92 वर्ष की उम्र में निधन, देश में शोक की लहर

भारत रत्न लता मंगेशकर का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन के बाद सरकार ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक रखा गया है। देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देश के प्रबुद्ध व्यक्तियों ने उनके निधन पर गहरा दुःख जताया है।

कल पूरे देश में सरस्वती पूजा थी और आज हम लोगों को यह सुनने को मिला कि भारत रत्न और स्वर कोकिला गायिका लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं रही। यह मां सरस्वती की कृपा है कि विश्व की इस महान गायिका का निधन सरस्वती पूजा के एक दिन बाद हो गया। सरस्वती पूजा के बाद अगले दिन मां सरस्वती का विर्सजन किया जाता है और आप देखिये आज ही के दिन लता मंगेशकर का शरीर भी पंचतत्व में विलीन हो जायेगा। यह लता मंगेशकर जी के ऊपर मां सरस्वती का आशीर्वाद ही है।

भारत रत्न लता मंगेशकर का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन के बाद सरकार ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक रखा गया है। देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देश के प्रबुद्ध व्यक्तियों ने उनके निधन पर गहरा दुःख जताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक जताया है। सुर साम्राज्ञी का निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा यह भारत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा।

 

देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है मैं खुद को सौभाग्यशाली समझता हूं कि समय-समय पर मुझे लता दीदी का स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा। अपने अतुलनीय देशप्रेम, मधुर वाणी और सौम्यता से वो सदैव हमारे बीच रहेंगी। उनके परिजनों व असंख्य प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। ऊं शांति शांति।

सेंसर बोर्ड के प्रमुख, प्रसिद्ध कवि, गीतकार प्रसून जोशी ने भी लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुःख जताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, आज एक युग मौन हो गया पर लताजी जैसी प्रतिभाएं कही नहीं जातीं। हम ही में गूंजती है

मां सरस्वती का दूसरा रूप, आप आज हमारे बीच भले ही नहीं रही हो। लेकिन अपने मधुर गीतों से आप हमेशा हमेशा अपनी अमर आवाज से हमारे बीच जीवित रहेंगी।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, दुष्यंत गौतम को मिली सिक्किम की जिम्मेदारी

उत्तराखंड समेत देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल...

सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव: सीएम धामी ने दिया ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड...

उत्तराखंड बीजेपी से राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य कल करेंगे नामांकन, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

उत्तराखंड से राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी के घोषित प्रत्याशी...

पीएम मोदी 22 अक्टूबर को आएंगे केदारनाथ, 4 साल बाद 7वीं बार करेंगे बाबा के दर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के केदारनाथ धाम आएंगे।...