विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के संरक्षण और स्वच्छता को समर्पित एक वृहद गंगा स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। गंगा विचार मंच नमामि गंगे उत्तराखण्ड के प्रांत संयोजक लोकेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में प्रशासन, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तरकाशी स्थित मां गंगा के पावन तट केदारघाट में किया गया, जहां सैकड़ों लोगों ने मिलकर स्वच्छता का संदेश दिया और गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाए रखने का संकल्प लिया।
स्वच्छता अभियान का संचालन जिला अधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर चिन्मय मिशन नोएडा एवं उत्तरकाशी से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ-साथ देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान में विश्व भारती पब्लिक स्कूल नोएडा, दिल्ली विश्वविद्यालय, एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा तथा लार्ड महावीरा स्कूल दिल्ली के लगभग 100 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इन युवाओं ने गंगा तट की सफाई कर पर्यावरण संरक्षण और नदी स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।
कार्यक्रम में जिला गंगा समिति उत्तरकाशी, स्वजल विभाग, पुलिस विभाग, नगरपालिका उत्तरकाशी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। सभी ने मिलकर गंगा तट पर फैले कूड़े-कचरे को एकत्रित किया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की स्वच्छता के प्रति जनजागरण फैलाना भी था।
इस अवसर पर चिन्मय मिशन के स्वामी चिद्रूपानंद जी एवं ब्रह्मचारी राघवेंद्रानंद जी ने उपस्थित युवाओं और स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि गंगा की स्वच्छता और संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है और इसके लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में स्वजल विभाग के प्रताप मतुड़ा, उत्तराखण्ड शासन से आए अनुभाग अधिकारी जितमणि पैन्यूली, जिला गंगा समिति के उत्तम पंवार तथा गंगा विचार मंच के प्रांत संयोजक लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों और बढ़ते प्रदूषण के इस दौर में नदियों की स्वच्छता को लेकर सामूहिक प्रयास समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को इस दिशा में आगे आने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
गंगा विचार मंच के प्रांत संयोजक लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि नमामि गंगे अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप देना है। उन्होंने बताया कि गंगा की स्वच्छता और संरक्षण के लिए नियमित रूप से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और जनसंपर्क गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने सभी स्वयंसेवियों, छात्रों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अभियान में जिला संयोजक जयप्रकाश भट्ट, गंगा प्रहरी गजेंद्र सिंह बिष्ट, कमला बिष्ट, योग प्रशिक्षक नीतू शर्मा, गीता गैरोला, मंगल पंवार सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं और गंगा प्रहरियों ने सक्रिय योगदान दिया। कुल मिलाकर लगभग 200 स्वयंसेवियों और गंगा प्रहरियों ने इस स्वच्छता अभियान में भाग लेकर गंगा संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह वृहद गंगा स्वच्छता अभियान न केवल स्वच्छता का संदेश देने में सफल रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर पर्यावरण संरक्षण और गंगा स्वच्छता के लिए सामूहिक संकल्प का प्रेरणादायी उदाहरण भी बना। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने मां गंगा को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने का संकल्प लिया।








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