कोरोना काल में उत्तराखंडी होने का निभाया फर्ज, हर तरह से मदद कर रहे अनिल बलूनी

कोरोना काल में उत्तराखंडी होने का निभाया फर्ज, हर तरह से मदद कर रहे अनिल बलूनी

कोरोना काल ने देश को झकझोर कर रख दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने अपने चहेतों को खो दिया। लोगों की जिंदगियां बचाने के लिए सरकारों, अधिकारियों, कर्मचारियों और डॉक्टरों के अलावा भी कुछ लोग हैं, जो दिन रात सांसें को रुकने से बचाने के लिए मिशन मोड में काम कर रहे हैं।

कोरोना के इस मुश्किल भरे दौर में हर एक शख्स अपने स्तर पर लड़ाई लड़ रहा है। महामारी में सबसे ज्यादा गरीब, बेसहारा, बुजुर्गों और दूर-दराज में रहने वाले लोगों पर मार पड़ी है। सरकार और सामाजिक संगठन तो अपनी भूमिका निभा ही रहे हैं, इसके साथ-साथ कुछ लोग मिशन मोड में लगातार जनसेवा में जुटे हैं। मददगारों की फेहरिस्त में ऐसा ही एक नाम है अनिल बलूनी का।

भाजपा की मीडिया टीम के प्रभारी और राज्यसभा सदस्य बलूनी इस दौरान लोगों के संपर्क में रहे और जिस तरह से संभव हुआ पहाड़ के लोगों की मदद करते रहे। कोरोना की दूसरी लहर आई और जब ऑक्सीजन और दूसरे जरूरी चिकित्सा उपकरण कम पड़ने लगे तो उन्होंने देश ही नहीं, विदेश में बसे भारतीयों से संपर्क कर उनसे मदद मांगी जिससे पहाड़ के लोगों को बचाया जा सके।

वह लगातार मदद मंगवा रहे हैं जिससे उत्तराखंड के लोगों को कोरोना काल में तकलीफ कम हो। हाल में उनके कनाडा के मित्रों द्वारा भेंट किए गए 50 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिल्ली पहुंचे और उसे ट्रक से तत्काल उत्तराखंड भेज दिया गया। उनकी पहल पर उत्तराखंड एसोसिएशन सिंगापुर ने मेडिकल उपकरणों की खेप भेजी। मई में उनकी सांसद निधि से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का ट्रक पौड़ी मुख्यालय पहुंचा, जहां से पौड़ी, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जनपद के चिकित्सालयों में इसे पहुंचाया गया।

May be an image of 1 person and standing

मई के पहले सप्ताह में अनिल बलूनी के प्रयास से लंदन से ऑक्सीमीटर की खेप आई। ब्रिटेन में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडी बंधुओं की संस्था ‘उत्तराखंड वेलफेयर एसोसिएशन’ ने भारतीय दूतावास के माध्यम से 200 ऑक्सीमीटर भेजे।

इससे पहले जब उत्तराखंड में कोरोना के मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी, उन्होंने ऑक्सीजन सिलेंडर का एक ट्रक गुजरात से देहरादून भिजवाया। उन्होंने निजी संबंधों और मित्रों के सहयोग से एक ट्रक ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की है। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीद के लिए बलूनी ने सांसद निधि से दिए 50 लाख रुपये भी दिए। उन्होंने चिट्ठी भेजकर नोडल अधिकारी और पौड़ी के कलेक्टर विजय जोगदंडे को इस संबंध में तत्काल कार्यवाही करने को कहा।

No photo description available.

कोरोना से पहले पहाड़ के सरोकारों से जुड़े रहे

अनिल बलूनी हमेशा पहाड़ से जुड़े मुद्दे पर अपने स्तर से प्रयास करते रहे हैं। यही वजह कि उन्हें केंद्रीय मंत्रालयों से संपर्क कर कई योजनाओं की शुरुआत उत्तराखंड में करवाई है। उनकी पहल पर रेल मंत्रालय ने कोटद्वार – दिल्ली के मध्य चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस का नाम सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस रखा और टनकपुर- दिल्ली के मध्य चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस का नाम पूर्णागिरी जनशताब्दी एक्सप्रेस हो गया है। कोरोना काल की परेशानी हो, चमोली आपदा या लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर यात्रा की पहल अपने कार्यों की वजह से ही वह जनता के चहेते बने हुए हैं।

उत्तराखंड में विश्वस्तरीय कैंसर हॉस्पिटल की कोशिश

उत्तराखंड में विश्वस्तरीय कैंसर हॉस्पिटल के लिए भाजपा नेता जी जान से जुटे रहे। भाजपा की राष्ट्रीय मीडिया टीम के प्रभारी अनिल बलूनी के प्रयासों को उस समय बड़ा बल मिला जब टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा ने उन्हें पत्र लिखकर इस काम में सहयोग करने पर हामी भरी। कैंसर से उबरने के बाद से अनिल बलूनी राज्य में इसका एक विश्व स्तरीय अस्पताल स्थापित करवाने के मुहिम में जुड़े हैं।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this