खेत में पहुंचने पर उनकी चप्पल और दरांती मिलने से अनहोनी की आशंका गहरा गई। कुछ दूरी पर झाड़ियों के बीच उनका अधखाया शव बरामद हुआ, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक ग्रामीणों का गुस्सा भड़क चुका था।
आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव कर गुलदार को आदमखोर घोषित करने और उसे तत्काल मारने की मांग की। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक गुलदार को मारा नहीं जाता, तब तक मृतका का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
इस घटना के बाद आसपास के गांवों—कुठार, क्यार्क, बुड़ाकोट, केसुंदर, ओणी और असनोली—में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि यह गुलदार पहले भी कई जानें ले चुका है, लेकिन वन विभाग ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की।
इस बीच पूर्व आईएएस अधिकारी और कांग्रेस नेता सुंदर लाल मुयाल भी घटनास्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने शासन स्तर पर अधिकारियों से बात कर गुलदार को जल्द शूट करने की मांग उठाई।
डीएफओ गढ़वाल वन प्रभाग रजत सुमन ने बताया कि गुलदार को मारने के आदेश मिल चुके हैं और शूटरों की टीम गांव में तैनात की जा रही है। साथ ही पिंजरे और कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे वन विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।

