Friday , 4 September 2026
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उत्तराखंड न्यूज़पौड़ी गढ़वाल

अलकनंदा हादसे पर उबाल: एनआईटी श्रीनगर में छात्रों का धरना, रेस्क्यू में देरी पर फूटा गुस्सा

बताया जा रहा है कि बीते रविवार को तेलंगाना निवासी बीटेक तृतीय वर्ष के एक छात्र के अलकनंदा नदी में डूबने के बाद से ही माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। घटना के बाद छात्र समुदाय गहरे सदमे में है, वहीं प्रशासन की धीमी कार्रवाई को लेकर उनका गुस्सा बढ़ता जा रहा है। धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद रेस्क्यू अभियान शुरू करने में देरी की गई और मौके पर पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
छात्र कार्तिकेय, प्रतीक, आदित्य, रोहित, सौरभ और नमन सहित अन्य प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एसडीआरएफ की टीम द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण इस तरह की गंभीर स्थिति के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते, तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी। छात्रों ने साफ कहा कि जब तक लापता छात्र को खोजकर बाहर नहीं निकाला जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस घटना का असर परिसर के सामान्य शैक्षणिक माहौल पर भी पड़ा है। रविवार को आयोजित होने वाला फेयरवेल कार्यक्रम रद्द कर दिया गया, जबकि सोमवार को भी पढ़ाई और अन्य गतिविधियां प्रभावित रहीं। पूरे परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
इधर, संस्थान के कुलसचिव हरि मौल आजाद ने बताया कि प्रशासन से रेस्क्यू अभियान तेज करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि देहरादून से जल पुलिस और अतिरिक्त टीम मौके पर पहुंच चुकी है, जिससे खोज अभियान में तेजी आने की उम्मीद है।
छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की कमी को उजागर करने वाली घटना है। अब सभी की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं, ताकि जल्द से जल्द लापता छात्र का पता चल सके और परिजनों को राहत मिल सके।

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