[fvplayer id=”10″]
चारधाम की यात्रा शुरू होते ही राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने पवित्र केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। उन्होंने यहां पहुंचकर भगवान से देश के सभी लोगों की सुख समृद्धि की कामना की।
READ MOREबद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो गई है। 30 अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुले उसके बाद 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुले और अब 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुल गये हैं। इसके साथ ही अब चारधाम यात्रा का शुभारम्भ हो गया है।
READ MOREचार मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद उत्तराखंड चारधाम यात्रा की विधिवत शुरुआत हो जाएगी।
READ MOREमुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पहुंचकर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अपने इस दौरे में उन्होंने सबसे पहले केदारनाथ और बद्रीनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
READ MOREबद्रीनाथ धाम की यात्रा तैयारियों को लेकर चमोली जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने चमोली से बद्रीनाथ धाम तक राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ बदरीनाथ धाम में चल रही निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
READ MOREफरीदाबाद से चमोली के गौचर में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे परिवार का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन में एक ही परिवार के छह लोग सवार थे। जिनमें से पांच लोगों की मौत हो गई है। क्रेन से वाहन से नदी से निकाला गया। जिसमें पांच शव बरामद हुए। एक महिला को रेस्क्यू किया गया है। दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है। पुलिस ने मृतकों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 22 अप्रैल से केदारनाथ धाम की यात्रा प्रारंभ हो जाएगी। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार घोड़ा-खच्चरों का डिजिटल डाटा तैयार किया जा रहा है, ताकि यात्रा पर आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
READ MORE
काण्डा ग्राम पंचायत की शांत वादियों में बसा एक छोटा सा पहाड़ी गांव आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुका है। यह गांव पोखरी विकासखंड के अंतर्गत आता है, जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए भी जाना जाता है। इन्हीं चुनौतियों के बीच कमल रावत और उनकी पत्नी रेखा देवी ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से एक नई कहानी लिखी है।
READ MORE