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38वें राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से 14 फरवरी तक उत्तराखंड में आयोजित किये जा रहे हैं इन खेलों में भाग लेने के लिए दस हजार से ज्यादा खिलाड़ी उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। इसके अलावा खेलों से संबंधित अन्य अफसर व स्टाफ अलग हैं।
READ MOREचित्रांशी रावत यानी चक दे इंडिया फिल्म की कोमल चौटाला। कई वर्षों बाद भी चित्रांशी रावत की सबसे मजबूत पहचान ये ही किरदार है। हाॅकी खिलाड़ी होने की वजह से ही चित्रांशी को यह किरदार मिला और इसी वजह से वह इस किरदार को जीवंत कर पाईं।
READ MOREमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में निजी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भी दुर्घटना बीमा/आर्थिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए है।
READ MOREउत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्टी मुख्यालय में संकल्पपत्र को जारी किया। उन्होंने कहा कि उत्तरायण हो गया है। ऐसे में शुभ काम होने शुरू हो गए हैं।
READ MOREदेहलचौरी बस हादसे में घायलों के उपचार में जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायत पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने घायलों को सही इलाज न मिलने पर डीएम पौड़ी से रिपोर्ट मांगी है।
READ MOREकांग्रेस से देहरादून नगर निगम में मेयर पद के प्रत्याशी विरेन्द्र पोखरियाल ने कहा है कि वह दून के विकास के लिए पूरी तरह से समर्पित है और मेयर बनने के बाद दून का व्यापक स्तर पर जन भावनाओं के अनुरूप विकास किया जायेगा। उन्होंने जनता से वादा किया है कि वह देहरादून की दशा और दिशा को बदलने का व्यापक स्तर पर काम करेंगें। उन्होंने कहा कि टैक्स की पैमेंट में दस प्रतिशत की छूट दूनवासियों को दी जायेगी।
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उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। टिहरी जिले के देवप्रयाग क्षेत्र में बंजी जंपिंग करने के कुछ ही समय बाद देहरादून के एक 21 वर्षीय युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में कार्डियक अरेस्ट अथवा सिंकोप अटैक (अचानक बेहोशी और हृदय संबंधी समस्या) की आशंका जताई है। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है, वहीं प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
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उत्तराखंड ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल एम्स ऋषिकेश में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या अब संस्थान की क्षमता पर भारी पड़ने लगी है। रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि अस्पताल की कुल बेड क्षमता एक हजार है। बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में पिछले आठ वर्षों से लंबित 200 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित विस्तार योजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। विशेषज्ञों और अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यदि जल्द विस्तार नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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