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देहरादून जनपद की चकराता ब्लॉक निवासी नीलम चौहान ने पर्यटन विभाग की पंडित दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना से स्वरोजगार की नई राह बनाई। 15 लाख की सहायता से शुरू किया गया उनका “हरुल-ए-बुटीक होमस्टे” आज आत्मनिर्भरता की मिसाल है। सालाना 25-30 लाख की आय के साथ नीलम सात लोगों को रोजगार देकर बनीं प्रेरणा स्रोत।
READ MOREदेश की आस्था से जुड़े तिरुपति मंदिर के पवित्र लड्डू प्रसाद में मिलावट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सीबीआई जांच में खुलासा हुआ कि उत्तराखंड के भगवानपुर की एक डेयरी ने बिना दूध खरीदे ही 68 लाख किलो नकली घी तैयार कर 250 करोड़ रुपये की आपूर्ति की। यह घी वर्षों तक तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल होता रहा।
READ MOREमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैण्ट, देहरादून में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड @25 रोमांच, अध्यात्म और अनोखी संस्कृति का उत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति में आयोजित होने वाले अल्ट्रा मैराथन रेस के लोगो का अनावरण एवं पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थ्रोन आफ द गॉड्स कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।
READ MOREताज़ा आंकड़ों के मुताबिक राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 93 तक पहुंच गया है, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता ट्रैफिक, निर्माण कार्य और ठंड के साथ जमने वाला धुआं प्रदूषण को फिर से बढ़ा रहा है।
READ MOREउत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस, रजत जयंती पर्व के मुख्य समारोह में लिए देहरादून पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8260 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास – लोकापर्ण किया। उन्होने उत्तराखंड की गत 25 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए, अगले 25 वर्षो के लिए रोडमैप के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
READ MOREउत्तराखंड अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। दो दशक से अधिक बीतने के बाद भी बेरोज़गारी, पेपर लीक और पलायन जैसी समस्याएँ जस की तस हैं। जहाँ एक ओर विकास की चमक दिखाई देती है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ों की वास्तविकता अब भी अंधेरे में है।
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प्रिया सिंह चौहान ने हासिल की 45वीं रैंक, मीनल नेगी 66वीं और अनुज पंत 69वीं रैंक के साथ प्रदेश का बढ़ाया मान
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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से उठी न्याय की एक आवाज अब देश की राजधानी तक पहुंचने की राह पर है। एक ओर जहां देश के जवान सीमाओं पर तैनात होकर राष्ट्र की सुरक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके परिवार के लोग अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
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