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उत्तराखंड के सबसे बड़े आईटी पार्क, जो देहरादून के सहस्रधारा रोड पर स्थित है, उसकी लगभग 98.5 एकड़ सरकारी भूमि (अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹4,000 करोड़) के आवंटन में गंभीर अनियमितताओं और संभावित घोटाले के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। इसी विषय पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता अभिनव थापर ने कांग्रेस मुख्यालय में दस्तावेज़ों सहित प्रेस वार्ता की।
READ MOREदेहरादून में नियो मेट्रो के स्थान पर अब दूसरा रैपिड ट्रांजिट सिस्टम लाने की दिशा में बड़ा कदम उठा है। केंद्र सरकार की सलाह के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रणाली पर विस्तृत अध्ययन की मंजूरी दे दी है। शहर की बढ़ती आबादी, जाम और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह सिस्टम नियो मेट्रो से अधिक बेहतर और टिकाऊ माना जा रहा है। यह निर्णय देहरादून की ट्रैफिक कहानी में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
READ MOREउत्तराखंड सरकार ने एआई मिशन-2025 की दो अहम नीतियों एआई पॉलिसी और डेटा शेयरिंग पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसका उद्देश्य तकनीक को पहाड़ों की जरूरतों के अनुसार ढालना और प्रदेश को आधुनिक डिजिटल भविष्य से जोड़ना है। राज्यपाल के निर्देशन में जारी इन नीतियों से डेटा साझा करना आसान होगा, शोध को बढ़ावा मिलेगा और एआई आधारित समाधान पहाड़ी जीवन को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।
READ MOREउत्तराखंड कैबिनेट ने ऐसे फैसले लिए हैं, जो सीधे आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाले हैं। अब महिलाएँ रात में भी दुकान और प्रतिष्ठानों में काम कर सकेंगी, जबकि वन्यजीव संघर्ष में मौत होने पर 10 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। शिक्षक चयन-वेतनमान प्रस्ताव की वापसी, सहायक अभियोजन अधिकारी के 46 पदों का सृजन और पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि ये सब मिलकर प्रदेश की प्रशासनिक तस्वीर को नया रूप देते हैं।
READ MOREश्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारों धामों के कपाट शीतकाल के छह माह के लिए बंद हो गए हैं। प्राकृतिक आपदाओं के चलते कई दिनों तक यात्रा बाधित होने के बावजूद इस वर्ष भी यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस वर्ष 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए हैं। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 04 लाख 35 हजार 901 अधिक रही है।
READ MOREदिवाकर भट्ट सिर्फ एक नेता नहीं थे, वे उत्तराखंड आंदोलन की धड़कन थे। 1994 से लेकर राज्य बनने तक हर मोर्चे पर उनका चेहरा जिद, साहस और जनता की बेबसी के बीच खड़ा दिखा। भीड़, लाठीचार्ज, गिरफ्तारी, गोली का आदेश सबका सामना करते हुए उन्होंने पहाड़ की आवाज़ दिल्ली तक पहुंचाई। UKD के माध्यम से उन्होंने पहाड़ की राजनीति को नई पहचान दी। उनका जाना पहाड़ की अस्मिता का सबसे बड़ा नुकसान है।
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प्रिया सिंह चौहान ने हासिल की 45वीं रैंक, मीनल नेगी 66वीं और अनुज पंत 69वीं रैंक के साथ प्रदेश का बढ़ाया मान
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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से उठी न्याय की एक आवाज अब देश की राजधानी तक पहुंचने की राह पर है। एक ओर जहां देश के जवान सीमाओं पर तैनात होकर राष्ट्र की सुरक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके परिवार के लोग अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
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