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उत्तराखंड इस समय प्राकृतिक आपदाओं की एक लंबी श्रृंखला से जूझ रहा है। धराली और थराली- दोनों क्षेत्र हाल ही में बादल फटने, बाढ़ और भारी भूस्खलन जैसी घटनाओं का शिकार हुए हैं। उत्तरकाशी के धराली में 5 अगस्त को खीरगंगा नदी में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई, जबकि चमोली के थराली में 22–23 अगस्त की रात को बादल फटने से सैकड़ों घर और दुकानें मलबे में दब गए। इन आपदाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हिमालयी क्षेत्र में हो रहे विकास कार्य पर्यावरण की कीमत पर किए जा रहे हैं?
READ MOREउत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जौलीग्रांट एअरपोर्ट पर आपदा राहत कार्यों की गहन समीक्षा की।
READ MOREउत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के हर ज़िले में वृद्धाश्रम खोलने की हालिया घोषणा ने मुझे, एक समाजशास्त्री के रूप में, यह सोचने पर विवश किया कि क्या वास्तव में पहाड़ी समाज को वृद्धाश्रमों की आवश्यकता है? खासकर तब जब यहां परिवार का अर्थ केवल माता-पिता और बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक विस्तृत रिश्तों की जड़ से जुड़ी व्यवस्था है ।
READ MOREअंकुरित सामाजिक एवं शिक्षा फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा, नशा मुक्ति व महिला सशक्तिकरण पर हुआ सार्थक संवाद
READ MOREपर्यटन विभाग द्वारा साहसिक पर्यटन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने वर्ष 2025–26 के लिए तीन बेहतरीन ट्रेक्स को ‘ट्रेक ऑफ द ईयर’ घोषित किया है।
READ MOREउत्तराखंड एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। राज्य के कई जिलों में लगातार हो रही भीषण बारिश ने पहाड़ी इलाकों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जैसे संवेदनशील जिलों में भूस्खलन और ज़मीन धंसने की घटनाएं तेज़ी से बढ़ी हैं।
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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की पहचान रही रिस्पना (ऋषिअर्पणा) नदी आज अपने अस्तित्व के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। कभी स्वच्छ जलधारा के रूप में बहने वाली यह नदी अब प्रदूषण, अतिक्रमण और कचरे के बोझ तले कराहती नजर आ रही है। नदी के किनारों और जलधारा में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, घरेलू कचरा, निर्माण सामग्री और अन्य अपशिष्ट पदार्थों का अंधाधुंध निस्तारण किया जा रहा है, जिससे इसका प्राकृतिक स्वरूप लगातार नष्ट होता जा रहा है।
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उत्तराखंड की पर्यटन नगरी मसूरी में हनीमून मनाने पहुंचे एक नवविवाहित दंपति से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। दिल्ली निवासी 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पी. राधा गायत्री की मसूरी के धनौल्टी रोड स्थित एक होमस्टे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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