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गेहूं एवं जौ शोध परियोजना के समन्वयक डॉ. जे.पी. जासवाल ने बताया कि इस प्रजाति को विकसित करने में लगभग 12 वर्ष का समय लगा है। अनाज के लिए पन्त जौ 1106 छः पंक्ति वाली उच्च उत्पादन क्षमता वाली किस्म है।
READ MOREमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए कहा कि मालन सेतु का पुनर्निर्माण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इस पुल के शुरू होने से कोटद्वार एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
READ MOREउत्तराखंड शासन में जब से संस्कृत शिक्षा विभाग में सचिव का दायित्व दीपक कुमार गैरोला ने संभाला है तब से वह लगातार प्रदेश में द्वितीय राजभाषा संस्कृत की अवसंरचना एवं उसके क्रमिक विकास को लेकर निरंतर प्रयासरत हैं, इसी क्रम में सचिव दीपक गैरोला ने महंत देवेंद्र दास जी महाराज से भेंट की।
READ MOREमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की दसवीं बैठक में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण के चलते शहरों में ड्रेनेज की समस्या एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने अनुरोध किया कि इस समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर टिकाऊ ड्रेनेज प्रणाली विकसित करने के लिए विशेष योजना बनाई जाए।
READ MOREदून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर में हिमांतर प्रकाशन की ओर से एक भव्य पुस्तक लोकार्पण समारोह और हिमांतर सहयात्री सम्मान-2025 का आयोजन किया गया।
READ MOREऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर पंतगांव के पास नोएडा के यात्रियों की एक कार अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हाईवे पर हाल के दिनों में कई दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें वाहनों के नदी में गिरने, आग लगने और टक्कर की घटनाएं शामिल हैं ।
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गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान की अध्यक्षता में 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी के आयोजन से पूर्व आज कुलपति सभागार में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
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उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक और संस्कृतिकर्मी दीवान कनवाल के निधन से पूरे कुमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। लोकगीत रसिकों को अपनी मधुर आवाज से दीवाना बनाने वाले इस कलाकार के जाने से सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। अल्मोड़ा सहित आसपास के कस्बों और शहरों में उनके प्रशंसकों, कलाकारों और आम लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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