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उत्तराखंड में इन दिनों बदरा रुक-रुक कर बरस रहे हैं। कई पर्वतीय अंचलों में लगातार बारिश से संपर्क मार्ग बाधित हो रहे हैं। पहाड़ी से गिरते मलबा और बोल्डर आवाजाही कर रहे लोगों के लिए खतरा बन रहा है। वहीं मौसम विभाग ने आज फिर कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है। भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
READ MOREढोल देव वाद्य है। दुनिया में सबसे ज्यादा ढोल ही बजता है। लोग बैंड बाजे वाले को हजारों रुपया देते हैं। ढोल वादक को चंद सौ रुपए में टरका दिया जाता है। सोहन लाल, मोहन राम ने अपनी संस्कृति से संबद्ध ढोल को आज तक नहीं छोड़ा है। मोहन राम की तीन पीढ़ियां एक साथ ढोल वादन का काम कर रही हैं, जो यहां प्रत्यक्ष उपस्थित हैं।
READ MOREइस महत्वपूर्ण निरीक्षण और चर्चा के दौरान, थानाध्यक्ष गोपेश्वर विनोद चौरसिया के साथ-साथ स्थानीय पत्रकार और विभिन्न समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की और इसे पुलिस व्यवस्था में गुणात्मक सुधार की दिशा में एक अत्यंत सकारात्मक कदम बताया।
READ MOREपहाड़ों की रानी मसूरी में देर शाम हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। भारी बारिश के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग पर जेपी बैंड के पास भारी मलबा आ गया। जिससे यह प्रमुख मार्ग पूर्णतः बंद हो गया है। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यात्री घंटों से जाम में फंसे हुए हैं।
READ MOREकहा कि मानसूनी सत्र शुरू हो गया है। ऐसे में केदारनाथ यात्रा के साथ-साथ आपदाओं की संभावनाएं भी बनी रहती है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही यात्रा मार्ग के अलग-अलग स्थानों पर खाद्यान के स्टोरेज बनाएं जाएंगे।
READ MOREजिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वह आम जनमानस, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से निरंतर वार्ता कर आपसी समन्वय बनाकर कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को आमजन मानस के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की समस्याओं को समझने और उनका त्वरित निवारण करने के लिए यह संपर्क अत्यंत आवश्यक है।
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उत्तराखंड में आगामी जनगणना की तैयारियों के तहत 25 अप्रैल से राज्यभर में मकानों की गणना और सूचीकरण का कार्य शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सरकारी टीमें घर-घर जाकर प्रत्येक मकान का रिकॉर्ड तैयार करेंगी और उसकी स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाएंगी।
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उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया क्षेत्र से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां सामाजिक कार्यकर्ता शंकर सिंह बिष्ट ने जल संरक्षण और प्रकृति संरक्षण के लिए एक जनभागीदारी आधारित अभियान शुरू किया है।
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