[fvplayer id=”10″]
द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर जी के कपाट 18 नवम्बर को प्रातः 8 बजे शीतकाल हेतु मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी स्वाति नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में बंद हो गये। एक दिन पहले से ही मंदिर को फूलों से सजाया गया था इस अवसर पर साढ़े तीन सौ से अधिक श्रद्धालु तथा बीकेटीसी कर्मचारी अधिकारी, वनविभाग एवं प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
READ MOREतृतीय केदार भगवान श्री तुंगनाथ जी के कपाट आज पूर्वाह्न 1130 बजे विधि विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के पश्चात भगवान श्री तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली प्रथम पड़ाव चोपता के लिए भक्तों एवं श्रद्धालुओं के जयघोषों के बीच प्रस्थान कर गई।
READ MOREउत्तराखंड की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक श्री केदारनाथ धाम यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि यह यात्रा स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका का भी प्रमुख आधार बन चुकी है।
READ MOREउत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक पूजन कर विश्व कल्याण, मानवता की समृद्धि तथा उत्तराखंड के सतत विकास के लिए आशीर्वाद मांगा।
READ MOREउत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आज चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस क्रम में 1997 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रघुबीर लाल को कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।
READ MOREभारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की ताज़ा रिपोर्ट ‘लैंडस्लाइड एटलस ऑफ इंडिया’ ने एक बार फिर उत्तराखंड की ज़मीन को लेकर खतरे की घंटी बजा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड का रुद्रप्रयाग जिला देश में सबसे ज़्यादा भू-धंसाव और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र बन गया है। लगातार दूसरे साल रुद्रप्रयाग नंबर एक पर बना हुआ है, वहीं टिहरी जिले को दूसरा और केरल के त्रिशूर जिले को तीसरा स्थान मिला है।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

कपिल शर्मा ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया है। पॉलीहाउस के माध्यम से संरक्षित खेती, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, उन्नत किस्म के बीज और जैविक उर्वरकों के संतुलित उपयोग से उन्होंने कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हासिल किया।
READ MORE
भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे।
READ MORE