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उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर केदारनाथ यात्रा की रफ्तार थाम दी है। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक जाने वाले पैदल मार्ग पर कई संवेदनशील स्थानों पर भारी बोल्डर और मलबा गिरने के कारण प्रशासन को यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा मार्ग को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
READ MOREबद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। दान-चढ़ावे से जुड़े मामलों के बाद अब बद्रीनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के नाम पर प्रति श्रद्धालु ₹1100 शुल्क वसूले जाने का मामला चर्चा में है। आरोप है कि यह शुल्क बिना बोर्ड की औपचारिक स्वीकृति के लागू किया गया, जिससे समिति की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
READ MOREश्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में विभागीय कार्रवाई और निलंबन के बाद अब उनके खिलाफ पुलिस में भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बीकेटीसी की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर बदरीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 306 और 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
READ MOREउत्तराखंड के पहाड़ी गांव आज केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई कहानियों के लिए भी पहचाने जाने लगे हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी और स्वरोजगार योजनाएं ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी जनपद रुद्रप्रयाग के लदोली गांव निवासी दिनेश सिंह चौधरी की है, जिन्होंने शहर की सुविधाजनक लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी छोड़कर अपने गांव लौटने का साहसिक निर्णय लिया और ट्राउट मत्स्य पालन के माध्यम से न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा बन गए।
READ MOREचारधाम यात्रा के दौरान कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को लेकर रुद्रप्रयाग में नया विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को सोनप्रयाग, सीतापुर और फाटा क्षेत्र से एकत्र किए गए कूड़े से भरे पांच ट्रकों को नगर पालिका के रैतोली स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में प्रवेश करने से रोक दिया गया। नगर पालिका के वार्ड नंबर-2 के सभासद अंकुर खन्ना ने ट्रकों को वापस लौटाते हुए आरोप लगाया कि बिना किसी लिखित प्रशासनिक अनुमति के बड़ी मात्रा में बाहरी क्षेत्र का कूड़ा रुद्रप्रयाग लाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
READ MOREकेदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुरुवार को उस समय अप्रत्याशित स्थिति पैदा हो गई, जब सोनप्रयाग में प्रस्तावित मॉक ड्रिल शुरू होने से ठीक पहले मुनकटिया क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक पत्थर और मलबा गिरने लगा। आपदा प्रबंधन एजेंसियां जहां संभावित आपदा से निपटने के अभ्यास की तैयारी में जुटी थीं, वहीं कुछ ही मिनटों में उन्हें वास्तविक आपदा से निपटने के लिए मैदान में उतरना पड़ा। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। आधे घंटे के भीतर मलबा हटाकर मार्ग को फिर से चालू किया गया और दोनों ओर फंसे यात्रियों को सुरक्षित पार कराया गया।
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उत्तराखंड में ग्लेशियर झीलों से पैदा होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने निगरानी व्यवस्था को हाईटेक करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब संवेदनशील ग्लेशियर झीलों की स्थिति पर लगातार और रियल टाइम नजर रखी जाएगी। इसके लिए सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग, ड्रोन और सेंसर आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य झीलों में होने वाले बदलावों की जानकारी समय रहते हासिल करना और संभावित आपदा से पहले प्रभावित आबादी को सतर्क करना है।
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उत्तराखंड में मानसून के कारण धीमी पड़ी चारधाम यात्रा अब सितंबर के मध्य से फिर रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। हेली सेवाओं का संचालन 15 सितंबर 2026 से शुरू होगा, जबकि इसके लिए टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग 7 सितंबर से शुरू की जाएगी।
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