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उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होते ही पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गुरुवार तड़के लगातार हो रही बारिश के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोबगड़ के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरे, जिससे हाईवे करीब पांच घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा। मार्ग बंद होने से बदरीनाथ धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और अन्य यात्रियों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीमों ने कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर यातायात को दोबारा सुचारु कराया।
READ MOREउत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही केदारनाथ धाम यात्रा जारी है। हालांकि लगातार हो रही बारिश और ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन यात्रा पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं और श्रद्धालुओं से पूरी सतर्कता के साथ यात्रा करने की अपील की है।
READ MOREउत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल बधाणीताल अब नए स्वरूप में विकसित होने जा रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत लगभग 3.36 करोड़ रुपये की लागत से ताल के सौंदर्याकरण एवं समग्र विकास का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य केवल बधाणीताल की प्राकृतिक सुंदरता का संरक्षण करना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित कर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करना भी है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
READ MOREउत्तराखंड में चारधाम यात्रा को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य सरकार गंगोत्री और केदारनाथ धाम को सीधे जोड़ने के लिए लगभग 100 किलोमीटर लंबी नई सड़क बनाने की योजना पर काम कर रही है। इस परियोजना के साकार होने पर दोनों प्रमुख धामों के बीच की दूरी करीब 150 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इसके साथ ही सैकड़ों ग्रामीणों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा और पर्यटन के नए अवसर भी विकसित होंगे।
READ MOREकर्णप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण के बाद गुरुवार को उत्तराखंड में प्रवेश करने की घोषणा करने वाले निहंगों को पुलिस ने देहरादून जिले के कुल्हाल बॉर्डर पर रोक दिया। प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच कई घंटों तक चली वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। वार्ता विफल होने के बाद सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और निहंगों ने अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। एहतियात के तौर पर उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
READ MOREकर्णप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारा विवाद को लेकर उत्तराखंड में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। 25 जून को कुछ निहंग समूहों द्वारा उत्तराखंड आने की चेतावनी के बाद गुरुवार को रुद्रप्रयाग के गुलाबराय मैदान में विभिन्न क्षेत्रीय दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग एकजुट हुए। जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि पहाड़ के स्वाभिमान, कानून व्यवस्था और न्याय से जुड़ा विषय है। उन्होंने नगरासू प्रकरण में कथित रूप से उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से सत्याग्रह किया जाएगा।
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उत्तराखंड में ग्लेशियर झीलों से पैदा होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने निगरानी व्यवस्था को हाईटेक करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब संवेदनशील ग्लेशियर झीलों की स्थिति पर लगातार और रियल टाइम नजर रखी जाएगी। इसके लिए सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग, ड्रोन और सेंसर आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य झीलों में होने वाले बदलावों की जानकारी समय रहते हासिल करना और संभावित आपदा से पहले प्रभावित आबादी को सतर्क करना है।
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उत्तराखंड में मानसून के कारण धीमी पड़ी चारधाम यात्रा अब सितंबर के मध्य से फिर रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। हेली सेवाओं का संचालन 15 सितंबर 2026 से शुरू होगा, जबकि इसके लिए टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग 7 सितंबर से शुरू की जाएगी।
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