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चारधाम यात्रा में इस वर्ष श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या जहां उत्तराखंड की धार्मिक और आर्थिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर हिमालयी पारिस्थितिकी पर बढ़ते प्लास्टिक कचरे ने गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। यात्रा मार्गों, नदी तटों और धामों के आसपास फैल रहा सिंगल यूज प्लास्टिक अब हिमालय की संवेदनशील प्रकृति के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में ग्लेशियरों के पिघलने, भूस्खलन और जल प्रदूषण जैसी समस्याएं और भयावह हो सकती हैं।
READ MOREउत्तराखंड में चल रही पवित्र चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर (आईसीसीसीसी) अहम भूमिका निभा रहा है। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भी यह आधुनिक नियंत्रण केंद्र हेली सेवाओं की हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर बनाए हुए है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिल रहा है।
READ MOREउत्तराखंड के इतिहास में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। जिस सपने को पहाड़ों ने 141 वर्षों तक अपनी आंखों में संजोकर रखा, वह अब धीरे-धीरे हकीकत बनने लगा है। सामरिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। आगामी 20 मई से इस परियोजना के तहत पहली बार ऋषिकेश से आगे पहाड़ों में रेलवे ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू होने जा रहा है।
READ MOREउत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी गांवों में आज भी विकास की तस्वीर अधूरी दिखाई देती है। एक ओर सरकार गांव-गांव सड़क पहुंचाने और सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर कई गांव ऐसे हैं जहां आज भी बीमारों और गर्भवती महिलाओं को डंडी-कंडी के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक का बलाण गांव और उत्तरकाशी के नौगांव क्षेत्र का दोणी गांव इसी दर्दनाक हकीकत की कहानी बयां कर रहे हैं।
READ MOREरुद्रप्रयाग की ऊंची पहाड़ियों और कठिन मौसम के बीच इन दिनों एक बेटी अपने साहस, आत्मविश्वास और कौशल से नई पहचान बना रही है। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा में तैनात पायलट अनुपम चौधरी आज न केवल यात्रियों को सुरक्षित यात्रा करा रही हैं, बल्कि हजारों युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गई हैं।
READ MOREउत्तराखंड में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून आने से पहले प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए, ताकि आम जनता को बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
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विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए जल्द ही एक बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। अब तीर्थयात्रियों को कड़ाके की ठंड में गर्म पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। केदारनाथ धाम में बायोमास पैलेट्स से संचालित विशेष गीजरों के माध्यम से 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराने की अभिनव योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। यह देश का पहला ऐसा प्रयोग माना जा रहा है, जिसमें समुद्र तल से लगभग 11,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित क्षेत्र में चौबीसों घंटे गर्म पानी की व्यवस्था की जाएगी।
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प्रदेश में मौसम के अचानक बिगड़े मिजाज ने रविवार को चारधाम यात्रा समेत आम जनजीवन पर व्यापक असर डाला। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा को चार घंटे के लिए रोक दिया। वहीं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर पत्थर और मलबा गिरने से यातायात बाधित रहा। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से लोगों को गर्मियों में भी सर्दियों जैसा एहसास हुआ।
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