चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान 19 अप्रैल से यूनाइटेड किंगडम की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा यूके के चीफ ऑफ द डिफेंस स्टाफ एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन के निमंत्रण पर हो रही है। यह किसी भारतीय सीडीएस की यूके की पहली आधिकारिक यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच तेज़ी से बढ़ते रक्षा सहयोग को दर्शाती है।
जनरल अनिल चौहान 19 अप्रैल को यूके के रक्षा मंत्रालय में एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन के साथ व्यापक चर्चा करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, वार्ता का मुख्य फोकस ‘प्रशिक्षण, ऑपरेशंस और रक्षा उद्योग साझेदारी में सहयोग को गहरा करना’ है।
मुख्य मुद्दों में संयुक्त सैन्य अभ्यास, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सूचना साझा करना, साइबर और अंतरिक्ष सहयोग, और अधिकारियों के आदान-प्रदान कार्यक्रमों का विस्तार शामिल है। दोनों कमांडर हाल के संघर्षों से मिले सबक की समीक्षा भी करेंगे और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के लिए इंटरऑपरेबिलिटी फ्रेमवर्क पर चर्चा करेंगे, जिस पर जनरल चौहान ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘रण संवाद’ संगोष्ठी में जोर दिया था।
ब्रिटिश रक्षा उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी जनरल चौहान से मिलेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच ‘रक्षा सह-उत्पादन को बढ़ाने’ पर चर्चा आगे बढ़ाई जा सके। यूके की कंपनियां एयरोस्पेस, नौसेना प्रणालियों, एयरो-इंजन और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्रों में भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों के तहत साझेदारी की इच्छुक हैं। ये वार्ताएं 2030 इंडिया-यूके रोडमैप और 2022 में घोषित डिफेंस पार्टनरशिप–इंडिया फ्रेमवर्क पर आधारित हैं।
सिविल-मिलिट्री संवाद
यूके के वरिष्ठ नागरिक और सैन्य अधिकारी, जिनमें फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस और यूके स्ट्रैटेजिक कमांड के अधिकारी शामिल हैं, भारतीय सीडीएस के साथ बातचीत करेंगे। इन चर्चाओं का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक, सप्लाई-चेन की मजबूती और उभरती तकनीकों के शासन पर रणनीतिक समझ को एकरूप करना है।
जनरल चौहान यूके के प्रमुख रणनीतिक अध्ययन संस्थान रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज (RCDS) का भी दौरा करेंगे, जहां वे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और सिविल सेवकों के बहुराष्ट्रीय समूह को संबोधित करेंगे और उनसे बातचीत करेंगे। इसका उद्देश्य भविष्य के सैन्य नेतृत्व के बीच दीर्घकालिक नेटवर्क बनाना है।
यह यात्रा इस वर्ष भारत-यूके के बीच पांचवीं उच्च-स्तरीय सैन्य बातचीत है, जो लगातार बढ़ते सहयोग को दर्शाती है। इससे पहले मार्च 2026 में यूके के चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल हार्व स्मिथ भारत आए थे, जहां एयर कॉम्बैट सहयोग और प्रशिक्षण पर चर्चा हुई थी।







