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उत्तराखंड न्यूज़पर्यटन समाचाररुद्रप्रयागसरोकार

आईसीसीसीसी की चौकसी से सुरक्षित और स्मार्ट बनी चारधाम हेली यात्रा, 21 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने उठाया लाभ

देहरादून स्थित सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट में स्थापित आईसीसीसीसी केंद्र चारधाम हेली सेवाओं की निगरानी का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहां नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और यूकाडा की छह सदस्यीय विशेषज्ञ टीम लगातार तैनात है। यह टीम एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ समन्वय बनाकर हेलीकॉप्टर संचालन को सुरक्षित और नियंत्रित बनाए रखने में जुटी हुई है।

आईसीसीसीसी के माध्यम से सभी हेली रूटों, ट्रैकिंग सिस्टम और प्रत्येक हेलीकॉप्टर ट्रिप की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। खासतौर पर मौसम की बदलती परिस्थितियों में यह व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक मौसम खराब होने, तेज हवाओं और कम विजिबिलिटी जैसी चुनौतियों के बावजूद नियंत्रण केंद्र से लगातार निगरानी कर समय पर निर्णय लिए जा रहे हैं।

चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सभी प्रमुख हेली रूटों पर अत्याधुनिक पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति या तकनीकी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आईसीसीसीसी पूरी तरह सक्रिय है। यही वजह है कि श्रद्धालुओं को अब पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद हेली सेवा उपलब्ध हो पा रही है।
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में चारधाम हेली यात्रा को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि डीजीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सहस्त्रधारा और सिरसी में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां विशेषज्ञ अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक हेली उड़ान की रियल टाइम ट्रैकिंग की जा रही है और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की अनुमति के बाद ही शटल सेवाओं को संचालन की मंजूरी दी जा रही है। मौसम, विजिबिलिटी और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए हर उड़ान पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यूकाडा की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा है और इसी उद्देश्य से तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है।

चारधाम यात्रा के दौरान हेली टिकटिंग व्यवस्था भी पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनी हुई है। यूकाडा अधिकारियों के अनुसार अभी तक हेली टिकट बुकिंग से जुड़ी किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की शिकायत सामने नहीं आई है। श्रद्धालु केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही ऑनलाइन टिकट बुक कर रहे हैं, जिससे फर्जीवाड़े की आशंकाएं काफी हद तक समाप्त हो गई हैं। प्रशासन लगातार लोगों से अपील भी कर रहा है कि वे केवल अधिकृत वेबसाइट से ही टिकट बुक करें।

हेली सेवाओं के प्रति श्रद्धालुओं का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। यूकाडा के आंकड़ों के अनुसार 22 अप्रैल से अब तक 21 हजार से अधिक श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से चारधाम यात्रा कर चुके हैं। फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से संचालित शटल सेवाओं के जरिए 17 हजार 976 यात्रियों को धामों के दर्शन कराए गए हैं। वहीं 10 मई तक चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से 3 हजार 974 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।

तकनीक, सतर्क निगरानी और समन्वित संचालन के बल पर उत्तराखंड की चारधाम हेली यात्रा अब अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद बनती जा रही है। आईसीसीसीसी की सक्रियता न केवल हेली सेवाओं को बेहतर बना रही है, बल्कि श्रद्धालुओं की यात्रा को भी सुगम और सुरक्षित अनुभव में बदल रही है।

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Hill Mail

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