उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी।
22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल जायेंगे, जबकि 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट भी खुल जाएंगे।
द्वितीय केदार मद्महेश्वर मंदिर के कपाट 21 मई को खुलेंगे, जबकि तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे।
बैसाखी पर्व पर ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में इन तिथियों की घोषणा की गई। इस दौरान भगवान मद्महेश्वर की भोग मूर्ति को पुष्प रथ पर विराजमान किया गया।
मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और परिक्रमा का आयोजन हुआ, जहां भक्तों ने जयकारों के साथ सुख-समृद्धि की कामना की।
उधर, खरसाली गांव स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर के कपाट भी बैसाखी के अवसर पर खोल दिए गए। यह मंदिर शीतकाल में चार माह तक बंद रहता है।
गौरीकुंड स्थित गौरी मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं, जहां पूजा-अर्चना और पारंपरिक विधानों के बीच भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
प्रशासन और मंदिर समितियां यात्रा को सुचारू बनाने में जुटी हैं। चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
यात्रियों की सुविधा के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। राज्य सरकार ने विभिन्न पड़ावों पर नियंत्रण कक्ष और सहायता केंद्र स्थापित किए हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण और ट्रैकिंग सिस्टम को भी सक्रिय कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।
मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि यात्रा सुरक्षित बनी रहे। श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।







