Sunday , 6 September 2026
Home अतुल्य उत्तराखंड चारधाम यात्रा प्रदेश की आर्थिकी की लाइफ लाइनः धामी
अतुल्य उत्तराखंडउत्तराखंड न्यूज़देहरादून

चारधाम यात्रा प्रदेश की आर्थिकी की लाइफ लाइनः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हम सभी को साझा प्रयास करने चाहिए कि चार धाम यात्रा सकुशल रूप से चले। यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में है सभी अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। चार धाम यात्रा सिर्फ आस्था से जुड़ा सवाल नहीं है बल्कि प्रदेश की आर्थिकी से भी जुड़ा हुआ है। यात्रा सरल हो सुगम हो और सुरक्षित हो इसका सभी को प्रयास करना चाहिए।
एक कार्यक्रम में भाग लेने हरिद्वार पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। यात्रा को अधिक से अधिक सुगम और सुखद बनाने के प्रयास किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा पर देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। यात्रा के दौरान अगर यात्रियों को किसी भी तरह की कोई समस्या होती है तो इससे राज्य की छवि भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि दूसरा यह यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था की लाइफ लाइन है। ट्रांसपोर्ट, होटल तथा होमस्टे ही नहीं अन्य तमाम व्यवसाय और कारोबारों से जुड़े लोगों की आजीविका और आर्थिकी का सबसे बड़ा प्रमुख स्रोत है, चार धाम यात्रा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अधिकारियों को जो जिम्मेवारियंा सौंपी गई है उस पर वह अपना काम कर रहे हैं तथा यात्रा की सभी तैयारियां समय से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। इस समय व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। सड़क मार्गों को ठीक किया जा रहा है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ के पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया जा रहा है। मई माह के लिए हेलीकॉप्टर की बुकिंग हो चुकी है वहीं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी जारी है तथा अब तक 16 लाख के आसपास रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं अब तक महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश और गुजरात तथा केरल से लोगों ने सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन कराए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वक्फ संशोधन बिल के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह एक ऐतिहासिक फैसला है। नए कानून के आने से वक्फ द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य बनने से पहले वक्फ बोर्ड के पास कुछ हजार संपत्तियां थी जो राज्य गठन के बाद कई हजार संपत्तियां हो चुकी है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles