चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचते ही उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में पेट्रोल-डीजल संकट और ट्रैफिक जाम ने तीर्थ यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोमवार को ज्योतिर्मठ में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब नगर के एकमात्र पेट्रोल पंप पर तेल खत्म हो गया और बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। पेट्रोल न मिलने से नाराज यात्रियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रशासन की ओर से सीमित मात्रा में तेल उपलब्ध कराने के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। केवल बद्रीनाथ धाम में अब तक छह लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यात्रियों की भारी भीड़ के चलते देहरादून से लेकर बद्रीनाथ तक अधिकांश पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। प्रशासन ने ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए चारपहिया वाहनों को एक हजार रुपये से अधिक का पेट्रोल नहीं देने की व्यवस्था लागू की है। हालांकि यात्रियों का कहना है कि इससे उन्हें हर कुछ दूरी पर पेट्रोल पंप ढूंढना पड़ रहा है, जिससे यात्रा और अधिक कठिन हो गई है।
देहरादून से आए यात्री मोहन और सतेन्द्र प्रसाद ने बताया कि यात्रा मार्ग पर पहले से ही कई किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। ऊपर से पेट्रोल की कमी के कारण समय और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर रात में वाहनों की आवाजाही भी रोकी जा रही है, जिससे यात्रा की अवधि लंबी हो रही है और श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
उधर गोपेश्वर और पीपलकोटी क्षेत्र में भी यात्रियों को पेट्रोल नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। पंजाब से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि पीपलकोटी पेट्रोल पंप पर उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि तेल समाप्त हो चुका है। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि जनपद में ईंधन की गंभीर कमी नहीं है और समय-समय पर तेल के टैंकर पहुंच रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से पेट्रोल-डीजल का अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है।
रुद्रप्रयाग जिले में भी पेट्रोल-डीजल की हल्की किल्लत महसूस की जा रही है। यहां स्थानीय लोगों को सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है, जबकि यात्रा वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला पूर्ति विभाग का कहना है कि यात्रियों से अलग-अलग पेट्रोल पंपों से तेल भराने का अनुरोध किया जा रहा है ताकि किसी एक पंप पर अत्यधिक दबाव न पड़े।
यात्रा मार्ग पर लगातार बढ़ते वाहनों के कारण बद्रीनाथ हाईवे पर कई स्थानों पर लंबा जाम लग रहा है। प्रशासन के अनुसार कुछ वाहन खराब होने और कई चालकों द्वारा जल्दबाजी में ओवरटेक करने की कोशिश से स्थिति और बिगड़ रही है। चमोली पुलिस अब यात्रियों को गेट टाइमिंग और ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी देने के लिए प्रमुख स्थानों पर पोस्टर लगाने की तैयारी कर रही है।
इसी बीच जाम के बीच मानवता और तत्परता की मिसाल भी देखने को मिली। बद्रीनाथ हाईवे पर जाम में फंसी 108 एंबुलेंस में स्वास्थ्य कर्मियों ने एक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। पल्ला गांव निवासी 22 वर्षीय उमा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस से ज्योतिर्मठ स्थित अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन हाईवे पर भारी जाम के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ सका। स्थिति गंभीर होने पर 108 सेवा के कर्मचारियों ने एंबुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। राहत की बात यह रही कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या जहां पर्यटन और धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बन रही है, वहीं व्यवस्थाओं पर बढ़ता दबाव प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। पेट्रोल संकट, ट्रैफिक जाम और सीमित संसाधनों के बीच यात्रा को सुचारु बनाए रखना अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी परीक्षा बन चुका है।








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