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मेघालय के मुख्य न्यायाधीश और डीजी असम राइफल्स ने एम्पैथी आर्ट प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

यह प्रदर्शनी सहानुभूति को एक भावना और जीवन जीने के तरीके दोनों रूपों में मनाती है — जिसे युवा कलाकारों की रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसमें विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं, जो जुड़ाव, उपचार और साझा मानवता की कहानियाँ कहती हैं।

अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘प्रिय युवा कलाकारों, आप हमें याद दिलाते हैं कि करुणा उतनी ही सरल हो सकती है जितनी किसी के दर्द को महसूस करना, मदद का हाथ बढ़ाना या किसी की खुशी में शामिल होना। ‘आई एम विद यू’ हमें यह सोचने के लिए प्रेरित करेगा कि हम एक-दूसरे के साथ कैसा व्यवहार करते हैं और अपनी समुदायों को अधिक संवेदनशील और समावेशी कैसे बना सकते हैं।’

असम राइफल्स पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने इस अवसर पर एम्पैथी सॉन्ग और एक प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें दया, समावेशन और समझ के संदेशों को कला और प्रदर्शन के माध्यम से व्यक्त किया गया।

प्रोजेक्ट एम्पैथी की संस्थापक ने अपने संबोधन में कहा, ‘हम ‘द इंडियन एम्पैथी इंस्टिट्यूशन’ की स्थापना के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जो भविष्य में सहानुभूति को एक अवधारणा और जीवन के अनुभव के रूप में समझने और अपनाने के लिए कार्य करेगा। हम ऐसा भविष्य भी देखते हैं जहां विद्यालयों में एम्पैथी एजुकेशन (सहानुभूति शिक्षा) सामान्य होगी, जो मानसिक स्वास्थ्य को संबोधित करते हुए देश निर्माण में योगदान देगी, और प्रारंभिक उम्र से ही संवेदनशील, दयालु युवाओं का निर्माण करेगी।’

डीजी असम राइफल्स लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा, ने अपने संबोधन में कहा, ‘हर व्यक्ति सहानुभूति का हकदार है, और असम राइफल्स उत्तर-पूर्व क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों में समुदायों के साथ सकारात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।’

‘आई एम विद यू’ प्रदर्शनी 29 से 31 अक्टूबर तक ऑल सेंट्स हॉल, शिलांग में जनता के लिए खुली रहेगी, जहां लोग यह अनुभव कर सकेंगे कि कैसे कला हमें जोड़ती है, उपचार देती है और सहानुभूति को प्रेरित करती है।

प्रोजेक्ट एम्पैथी और असम राइफल्स पब्लिक स्कूल ने सभी सहभागी विद्यालयों का धन्यवाद किया, जिनकी रचनात्मकता और सहयोग से इस पहल को साकार किया गया। विशेष आभार सभी प्राचार्यों, कला शिक्षकों और छात्र कलाकारों का, जिनकी कल्पनाशीलता और समर्पण ने ‘आई एम विद यू’ को करुणा और साझा मानवता को अभिव्यक्त करने का एक सशक्त मंच बनाया।

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Hill Mail

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